T20 World Cup 2026

दर्द और बुखार के लिए आप भी खाते हैं Nimesulide दवा तो हो जाएं सावधान, सरकार ने जारी की चेतावनी

भारत सरकार ने निमेसुलाइड दवा के सेवन को लेकर चेतावनी जारी की है. साल 2000 में इस दवा को स्विटजरलैंड, स्पेन और अमेरिका में बैन कर दिया गया था. भारत में अभी भी इस दवा का सेवन किया जाता है

India Daily Live

भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) ने सूजन और दर्द को कम करने वाली दवा निमेसुलाइड के उपयोग को लेकर एक सुरक्षा चेतावनी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि इसके इस्तेमाल से त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं. तो क्या इसका मतलब ये है कि आपको इस दवा का प्रयोग बंद कर देना चाहिए?

आईपीसी के अनुसार इस दवा का उपयोग सूजन, गठिया, ऑपरेशन के बाद होने वाले दर्द और बुखार को कम करने में किया जाता है. इसके अलावा निमेसुलाइड का इस्तेमाल आर्थोपेडिट, ईएनटी और दंत चिकित्सा में दर्द को कम करने के लिए भी किया जाता है, लेकिन इस दवा के इस्तेमाल से त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं.

IPC ने स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञों को इस सतह के मामलों की बारीकी से निगरानी करने और कोई भी  गंभीर विपरीत रिएक्शन होने पर मामले की जानकारी भारत का राष्ट्रीय समन्वय केंद्र-फार्माकोविजिलेंस कार्यक्रम को देने को कहा है.

क्या है निमेसुलाइड (Nimesulide)
यह दवा शरीर में दर्द, सूजन का कारण बनने वाले रसायनों को कम कर मरीज को राहत पहुंचाती है. बुखार, मासिक धर्म, आर्थराइटिस जैसे रोगों में डॉक्टर अक्सर मरीज को इस दवा को लेने की सलाह देते हैं. यह दवा NSAID (नॉन-एस्टेरॉइडल एंटी-इन्फ्लामेट्री ड्रग) वर्ग में आती है. 

क्या निमेसुलाइड से चकत्ते या अन्य कोई नुकसान हो सकता है?
नई दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. रोमेल टिक्कू ने कहा कि इस तरह के मामले बहुत ही दुर्लभ हैं. बुखार में यह एक बहुत ही अच्छी दवा है, बशर्ते आप इसे डॉक्टर की सलाह के ही लें.

बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं और जिन लोगों को रक्त का धक्का जमने की समस्या है, उन लोगों को इस दवा का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती.