Samsung की तरह Apple अपने iPhone में क्यों नहीं देता फिंगरप्रिंट सेंसर? ये है वजह
क्या आप जानते हैं कि एप्पल अपने फोन्स में अंडर-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट डिस्प्ले क्यों नहीं देता है? अगर आप नहीं जानते हैं, तो यहां हम आपको इसकी वजह बता रहे हैं.
नई दिल्ली: सैमसंग और एप्पल के बीच हमेशा से ही कॉम्पेटीशन चलता आया है. जिस तरह के आईफोन लवर्स हैं, ठीक उसी तरह से सैमसंग के भी अपने फैन्स हैं. दोनों ही अपने-अपने यूजर्स को हर तरह के फीचर्स देने की कोशिश करते हैं. हालांकि, एक फीचर है जिसे लेकर हमेशा से सवाल उठता आया है कि आखिर एप्पल ने अपने आईफोन्स में ये फीचर क्यों नहीं दिया है. ये फीचर है- फिंगरप्रिंट सेंसर…
कई लोगों के मन में ये सवाल जरूर आता होगा कि आखिर एप्पल अपने आईफोन्स में फिंगरप्रिंट सेंसर क्यों नहीं देता है. कुछ लोगों का मानना है कि सैमसंग अपनी अंडर-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट टेक्नोलॉजी कॉम्पेटीशन के चलते एप्पल को नहीं देना चाहता है, जबकि ऐसा नहीं है.
एप्पल क्यों नहीं देता है अंडर-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट टेक्नोलॉजी:
Samsung ने Apple से अंडर-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट टेक्नोलॉजी नहीं छिपाई है. बल्कि Apple ने इस फीचर के साथ ऑप्ट-आउट रहना ही सही समझा है. बता दें कि सैमसंग डिस्प्ले आईफोन के लिए स्क्रीन सप्लाई करता है. एप्पल का अपने फोन्स में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर न देना उसका खुद का ही फैसला है, क्योंकि एप्पल को ऐसा लगता है कि फिंगरप्रिंट टेक्नोलॉजी के मुकाबले फेशियल रिकग्निशन ज्यादा सिक्योर ऑप्शन है.
एप्पल देती है फेस आईडी टेक्नोलॉजी को प्रायोरिटी:
Apple ने अपने हाई-एंड सुरक्षा सिस्टम के लिए Touch ID से Face ID की तरफ जाना ही बेहतर समझा है. कंपनी को लगता है कि फेस आईडी फोन और यूजर्स के डाटा को सुरक्षित रखने का एक बेहतर तरीका है. यही वजगह है कि कंपनी ने इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर लगाने के मुकाबले फेस आईडी टेक्नोलॉजी को ज्यादा प्राथमिकता दी.
फिलहाल तक इंडस्ट्री में ऐसा कोई संकेत नहीं है कि Samsung, Apple को इन-डिस्प्ले टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करने से रोकता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, Apple ने 2019 के आस-पास इन-डिस्प्ले सेंसर (Touch ID) पर विचार किया था, लेकिन उसने उन्हें आगे नहीं बढ़ाया.