नई दिल्ली: भारत सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने टेक और पॉलिसी जगत में नई चर्चा छेड़ दी है. Startup India पहल के तहत Alibaba.com के साथ साझेदारी का ऐलान किया गया है. इसका मकसद भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ना है. यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब 2020 के गलवान घाटी तनाव के बाद कई चीनी ऐप्स पर भारत में प्रतिबंध लगाया गया था. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सहयोग भविष्य में TikTok की वापसी का संकेत है.
साल 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन तनाव के बाद सरकार ने TikTok, PUBG Mobile और AliExpress समेत कई चीनी ऐप्स पर राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर प्रतिबंध लगाया था. इन प्लेटफॉर्म्स को डेटा सुरक्षा और संप्रभुता के मुद्दों के चलते ब्लॉक किया गया था. Alibaba समूह की ई-कॉमर्स शाखा AliExpress भी इसी सूची में शामिल थी. अब Alibaba.com के साथ सीमित सहयोग को नई रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक Startup India पहल के अंतर्गत Alibaba.com के साथ कोलेबोरेशन किया गया है. Alibaba.com एक बी2बी प्लेटफॉर्म है जो 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों में 5 करोड़ से ज्यादा सक्रिय खरीदारों को सप्लायर्स से जोड़ता है. इस साझेदारी के जरिए भारतीय स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों को सीधे वैश्विक बाजार तक पहुंचने का अवसर मिलेगा. इससे निर्यात को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
सरकार की ओर से साफ किया गया है कि यह सहयोग केवल निर्यात उन्मुख गतिविधियों तक सीमित है. इसका चीनी कंज्यूमर ऐप्स की वापसी से कोई संबंध नहीं है. TikTok सहित जिन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया गया था, वे अब भी ब्लॉक रहेंगे. यह कदम व्यापारिक सहयोग के दायरे में है और सुरक्षा से जुड़े फैसलों में कोई ढील नहीं दी गई है.
पिछले कुछ समय से TikTok की संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं होती रही हैं. हालांकि सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि फिलहाल बैन हटाने की कोई योजना नहीं है. इस बीच भारत के शॉर्ट वीडियो बाजार में Instagram जैसे प्लेटफॉर्म्स मजबूत स्थिति में हैं. विश्लेषकों का मानना है कि यदि भविष्य में कोई बदलाव होता भी है तो वह सख्त शर्तों और स्थानीय नियंत्रण के साथ ही संभव होगा.