आजकल मोबाइल और लैपटॉप चार्जर का इस्तेमाल दिनभर होता है, लेकिन कभी-कभी चार्जर असामान्य रूप से गरम हो जाता है. यह समस्या ज्यादातर नकली या कम गुणवत्ता वाले चार्जरों में देखने को मिलती है. गर्म चार्जर सिर्फ डिवाइस को नुकसान नहीं पहुंचाता बल्कि आग लगने या विस्फोट का भी खतरा पैदा कर सकता है. इसलिए हर यूज़र को अपने चार्जर की असलियत जांचने की जरूरत है और समय रहते उचित कदम उठाने चाहिए.
सरकारी टूल और कुछ आसान तरीके अपनाकर आप चार्जर की असलीपन की पुष्टि कर सकते हैं. केवल नजर या ब्रांड देखकर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है. असली चार्जर अपने रेटेड वोल्टेज और करंट पर काम करता है, जबकि नकली चार्जर में यह संतुलन नहीं रहता. सही जानकारी से आप न केवल अपने डिवाइस की सुरक्षा बढ़ा सकते हैं बल्कि संभावित दुर्घटनाओं से भी बच सकते हैं.
गरम चार्जर लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर बैटरी को नुकसान पहुंचा सकता है और फोन या लैपटॉप की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है. आग लगना या विस्फोट जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है, जिससे घर या ऑफिस में गंभीर हादसा हो सकता है. नकली चार्जरों में यह समस्या ज्यादा आम है और अक्सर सस्ते, नकली केबल या घटिया क्वालिटी के कारण यह स्थिति उत्पन्न होती है.
सरकार और ब्रांड कंपनियों द्वारा उपलब्ध टूल्स और वेबसाइट्स से आप चार्जर का सिरीयल नंबर या IMEI डालकर असलीपन की जांच कर सकते हैं. यह सबसे भरोसेमंद तरीका है.
असली चार्जर का लेबल, लोगो और केबल क्वालिटी स्पष्ट और मजबूत होती है. USB पावर मीटर से आउटपुट वोल्टेज और करंट जांचें. असली चार्जर रेटेड वैल्यू के पास काम करता है, नकली चार्जर अस्थिर रीडिंग देता है.
चार्जिंग के दौरान डिवाइस को गर्म जगह पर न रखें. हमेशा असली चार्जर और उचित वोल्टेज/करंट के अनुसार चार्ज करें. अनजान या सस्ते ब्रांड के चार्जर से बचें और डिवाइस की सुरक्षा के लिए नियमित जांच करते रहें.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.