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रैपिड रेल में मर्यादा हुई तार तार, स्कूली प्रेमी-प्रेमिका के अश्लीलता का वीडियो आया सामने; CCTV में हुआ कैद

दिल्ली मेरठ रैपिड रेल में वायरल वीडियो के मामले में पुलिस और एनसीआरटीसी ने जांच शुरू कर दी है और यात्रियों से नियमों के पालन की अपील की है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: दिल्ली मेरठ रैपिड रेल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. वायरल वीडियो में एक स्कूली वेश में दिख रही छात्रा और एक युवक सार्वजनिक परिवहन में आपत्तिजनक हरकत करते नजर आ रहे हैं. यह वीडियो रैपिड रेल के कोच में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ बताया जा रहा है. 

वीडियो सामने आने के बाद एनसीआरटीसी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह घटना 24 नवंबर की बताई जा रही है. वीडियो में युवक सफेद स्वेटर पहने दिखाई देता है जबकि युवती स्कूल ड्रेस में नजर आती है. दोनों मोदीनगर से मेरठ के बीच यात्रा कर रहे थे. 

पुलिस ने क्या बताया?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उस समय कोच में यात्रियों की संख्या कम थी. इसी दौरान यह आपत्तिजनक गतिविधि कैमरे में कैद हो गई. इस वीडियो के वायरल होने पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वीडियो किसने रिकॉर्ड किया और इसे सोशल मीडिया पर किसने साझा किया. यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में किसी कानून का उल्लंघन हुआ है. 

कानूनी जानकारों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय आचरण करना कानूनन अपराध हो सकता है. इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज को बिना अनुमति सार्वजनिक करना भी दंडनीय हो सकता है. ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई संभव है. एनसीआरटीसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रैपिड रेल में यात्रियों की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है.

रैपिड रेल प्रशासन ने यात्रियों से क्या की अपील? 

प्रशासन ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा के लिए लगाए गए हैं और इनके दुरुपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती है. पुलिस और रैपिड रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक परिवहन में नियमों का पालन करें. किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि दिखने पर तुरंत अधिकारियों को सूचना दें. 

साथ ही सोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के संवेदनशील वीडियो साझा न करने की सलाह दी गई है. फिलहाल जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि तथ्यों के सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.