menu-icon
India Daily

Meerut Power House Dispute: वक्फ एक्ट पर गुस्सा या गैर-जिम्मेदारी? मेरठ में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स ने काटी पूरे गांव की बिजली; देखें VIDEO

Meerut Power House Dispute: वक्फ अधिनियम के खिलाफ देशभर में हो रहे प्रदर्शनों के बीच मेरठ में एक संविदा बिजली कर्मचारी ने केवल 15 मिनट के प्रदर्शन के चलते पूरे गांव की बिजली काट दी, जिसके बाद उसे बर्खास्त कर दिया गया.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
Meerut Power House Dispute: वक्फ एक्ट पर गुस्सा या गैर-जिम्मेदारी? मेरठ में कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स ने काटी पूरे गांव की बिजली; देखें VIDEO
Courtesy: Social Media

Meerut Power House Dispute: वक्फ अधिनियम के खिलाफ देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक संविदा बिजली कर्मचारी ने महज 15 मिनट के प्रदर्शन के नाम पर पूरे गांव की बिजली ही काट दी. घटना के वायरल वीडियो और शिकायतों के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया.

क्या था मामला?

बता दें कि 1 मई की रात, कई मुस्लिम संगठनों ने वक्फ कानून के विरोध में प्रतीकात्मक प्रदर्शन के तहत 15 मिनट के लिए घर की लाइट बंद रखने का आह्वान किया था. इसी कड़ी में मेरठ के अजराड़ा बिजलीघर में तैनात संविदा कर्मचारी रियाजुद्दीन ने पूरे अजराड़ा गांव की बिजली आपूर्ति ठप कर दी. वहीं रियाजुद्दीन ने पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी. पोस्ट के कुछ ही घंटों बाद रात करीब 9 बजे पूरे गांव की लाइट काट दी गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया.

ऊर्जा मंत्री ने लिया संज्ञान

बताते चले कि जैसे ही मामला उजागर हुआ और सोशल मीडिया पर बिजली कटौती का वीडियो वायरल हुआ, यूपी के ऊर्जा मंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए रियाजुद्दीन की बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए. ऊर्जा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ''सरकारी पद का इस तरह दुरुपयोग पूरी तरह अस्वीकार्य है. संबंधित कर्मचारी को तुरंत प्रभाव से सेवा से हटा दिया गया है.''

स्थानीय लोगों में नाराजगी

इसके अलावा, अजराड़ा गांव के लोगों ने कहा कि प्रदर्शन व्यक्तिगत हो सकता है लेकिन किसी सरकारी कर्मचारी को पूरे क्षेत्र की बिजली काटने का कोई अधिकार नहीं है. ग्रामीणों ने रियाजुद्दीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया.