6 घंटे में मेरठ से प्रयागराज का सफर, इमरजेंसी लैंडिंग के लिए एयरस्ट्रिप; गंगा एक्सप्रेसवे से मजबूत होगा यूपी का लॉजिस्टिक्स
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरदोई जिले में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने वाले हैं. इस एक एक्सप्रेसवे से 12 जिले जुड़े होंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 29 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में 594 किलोमीटर लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे. यह परियोजना न केवल राज्य की मार्ग व्यवस्था में बदलाव लाएगी, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी.
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी की निगरानी में बनाया गया यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल है. गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी को काफी कम करेगा. अभी इस रास्ते को तय करने में लगभग 12 घंटे का समय लगता है, लेकिन इसके चालू होने के बाद यह सफर केवल 6 घंटे में पूरा हो जाएगा.
12 जिलों को जोड़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे को लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. यह हाई-स्पीड कॉरिडोर राज्य के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों को एक निर्बाध कड़ी से जोड़ने का काम करेगा. यह एक्सप्रेसवे यूपी के कुल 12 जिलों को जोड़ेंगी. जिसमें मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़,शाहजहांपुर, हरदोई समेत कई जिले शामिल हैं. इस एक्सप्रेसवे की मदद से लॉजिस्टिक्स लागत भी कम होंगे और सप्लाई चेन बढ़ेगी. यूपी के 50 से भी अधिक गांव सीधे इस विकास से जुड़ेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
खास टेक्नोलॉजी के साथ तैयार हुआ एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे को काफी हाई टेकनिक से तैयार किया गया है. जिसमें से एक अनोखी विशेषता शाहजहांपुर जिले में बनाई गई, जहां 3.5 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा यानी एयरस्ट्रिप बनाया गया है. यह दोहरे उपयोग वाली सुविधा सामान्य परिस्थितियों में आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया जा रहा है. आपातकाल में भारतीय वायुसेना के विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए यह तैयार रहेगी, जो सामरिक रूप से देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी.
एक्सप्रेसवे पर टोल दरें विभिन्न वाहनों के प्रकार के अनुसार निर्धारित की गई हैं. गंगा एक्सप्रेसवे को एक समर्पित आर्थिक कॉरिडोर के रूप में तैयार किया गया है, ताकी राज्य का और विकास किया जा सके. बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामग्री और उपभोक्ता वस्तुओं की आवाजाही तेज और सस्ती होगी. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे शहरों की ओर पलायन पर भी कुछ हद तक अंकुश लग सकता है.
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