लखनऊ में गरीबों को मिले फ्लैट पर विवाद, सिंचाई विभाग ने लगाया नोटिस
लखनऊ में गरीब परिवारों को आवंटित किए गए फ्लैटों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. जिन घरों की चाबियां कुछ महीने पहले सरकारी योजना के तहत लाभार्थियों को सौंपी गई थीं, अब उन्हीं पर अवैध कब्जे का सवाल उठ गया है.
लखनऊ: लखनऊ में गरीब परिवारों को आवंटित किए गए फ्लैटों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. जिन घरों की चाबियां कुछ महीने पहले सरकारी योजना के तहत लाभार्थियों को सौंपी गई थीं, अब उन्हीं पर अवैध कब्जे का सवाल उठ गया है. सिंचाई विभाग द्वारा लगाए गए नोटिस के बाद क्षेत्र में रहने वाले लोगों और आवंटियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है.
मामला राजधानी के डालीबाग क्षेत्र स्थित सरदार पटेल आवासीय योजना से जुड़ा है. यह परियोजना लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा विकसित की गई थी. योजना के तहत 72 पात्र परिवारों को फ्लैट आवंटित किए गए थे. हाल ही में सिंचाई विभाग ने परिसर के एक हिस्से में नोटिस चस्पा कर भूमि को विभाग की संपत्ति बताते हुए सात दिनों के भीतर कब्जा हटाने की चेतावनी दी.
माफिया कब्जे से मुक्त कराई गई थी जमीन
जिस भूमि पर यह आवासीय परियोजना बनाई गई है, वह पहले माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई थी. इसके बाद LDA ने यहां तीन आवासीय ब्लॉक तैयार किए. प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल करीब 36 वर्गमीटर रखा गया और पात्र लोगों को लॉटरी के माध्यम से आवंटन किया गया था.
नोटिस के बाद बढ़ा विवाद
सिंचाई विभाग की कार्यवाही के दौरान कुछ स्थानों पर लाल निशान लगाकर नोटिस चस्पा किए गए. उस चिपकाए नोटिस में लिखा है कि, 'आपका घर अवैध रूप से सिंचाई विभाग की जमीन पर बना है. 7 दिन के अंदर कब्जा हटा लें, नहीं तो विभाग इसे खाली करावा लेगा. 7 दिन खत्म होते ही हुए नुकसान के जिम्मेदार वो खुद होंगे. इसलिए नोटिस मिलने के 7 दिन के अंदर विभाग की भूमि से अवैध कब्जा हटा लें.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना स्पष्ट जानकारी दिए कार्यवाही शुरू की गई. विरोध के बाद अधिकारियों को मौके से लौटना पड़ा. वहीं कुछ आसपास के अस्थायी निर्माणों को हटाने की कार्यवाही भी की गई.
एलडीए और सिंचाई विभाग आमने-सामने
घटना के बाद एलडीए से जुड़े लोगों ने नोटिस पर पेंट करवा दिया, जिससे मामला और चर्चा में आ गया. स्थानीय निवासियों का कहना है कि गरीब परिवारों को घर देने के बाद इस तरह की कार्यवाही से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है.
विभाग ने दी सफाई
सिंचाई विभाग ने देर शाम स्पष्ट किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना के फ्लैटों को खाली कराने के लिए कोई विशेष नोटिस जारी नहीं किया गया है. विभाग के अनुसार कार्यवाही का उद्देश्य केवल नहर किनारे बने अवैध झुग्गी झोपड़ियों और अनधिकृत कब्जों को हटाना है. साथ ही कहा गया कि भविष्य में कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.