उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एक छात्र 16 साल बाद एमबीबीएस परीक्षा में सफलता हासिल की है. 2009 बैच के इस छात्र को यह सफलता सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठने के बाद मिली है. दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को सप्लीमेंट्री परीक्षा के रिजल्ट का ऐलान किया तो छात्र की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, उसने एमबीबीएस परीक्षा पास जो कर ली थी. दरअसल छात्र ने परीक्षा 2024 में दी थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन परीक्षा परिणाम घोषित नहीं कर रहा था, इसके लिए वह हाईकोर्ट की शरण में गया और आखिरकार परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया.
मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक इंगहा निवासी एमबीबीएस के छात्र ने 2009 में एमबीबीएस में प्रवेश लिया था. फाइनल ईयर में चार पेपर होते हैं- मेडिसिन, सर्जरी, पीडियाट्रिक और गायनी. पीडियाट्रिक और गायनी के पेपर्स में तो कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन मेडिसिन और सर्जरी में दिक्कत आ रही थी. लगातार तीन बार वह मेडिसिन और सर्जरी में पास नहीं हो पाया, लेकिन हार नहीं मानी.
तीन बार दो पेपर्स में फेल होने के बाद छात्र एक बार फिर 2024 में हुई फाइनल ईयर की परीक्षा में बैठा लेकिन विश्वविद्यालय की ओर परिणाम ही जारी नहीं किया गया. इसके लिए छात्र को हाईकोर्ट की शरण में जाना पड़ा. हाईकोर्ट के आदेश के बाद आखिरकार अप्रैल 2026 में विश्वविद्यालय ने परीक्षा परिणाम जारी कर दिया. लेकिन इस बार भी छात्र परीक्षा में फेल हो गया. इसके बाद अप्रैल माह में ही छात्र ने सप्लीमेंट्री परीक्षा दी. शुक्रवार को घोषित हुए सप्लीमेंट्री परीक्षा में छात्र पास हो गया.
बीआरडी कॉलेज के प्राचार्य रामकुमार जायसवाल ने बताया कि कॉलेज के दो और छात्रों का परिणाम विश्वविद्यालय ने रोका हुआ है, हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय को पत्र लिखा गया है ताकि उनका भी परिणाम जारी हो सके.