Punjab flood 2025: पंजाब के होशियारपुर जिले के गांव अब्दुल्लापुर में हाल ही में आई बाढ़ ने जहां तबाही मचाई, वहीं एक ऐसी घटना सामने आई जिसने इंसानियत, धर्म और राजधर्म की अनूठी मिसाल कायम की. ब्यास नदी के उफान ने जब गांव को अपनी चपेट में लिया, तब आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जसवीर सिंह राजा गिल ने सिख परंपराओं का सम्मान करते हुए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप को पूरे आदर के साथ सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. यह मार्मिक दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और पंजाब की जनता के दिलों में गहरी छाप छोड़ी.
जसवीर सिंह राजा गिल ने संगत के सहयोग से गुरु घर से पावन स्वरूप को सुरक्षित निकालने से पहले अरदास की और संगत की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की. “यह दृश्य इस बात का प्रमाण बना कि प्राकृतिक आपदा जैसी कठिन परिस्थितियों में भी धार्मिक मर्यादाओं और गुरु साहिबों के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता,” एक स्थानीय निवासी ने कहा. इस कार्य ने न केवल सिख समुदाय की भावनाओं को बलवति किया, बल्कि यह भी दिखाया कि ‘आप’ के विधायक धार्मिक आस्था और जनता की सुरक्षा को समान महत्व देते हैं.
सरकार का त्वरित राहत कार्य
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया है. कैबिनेट मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं, और राहत कार्य चौबीसों घंटे जारी हैं. “मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपना एक महीने का वेतन दान करने का फ़ैसला लिया है,” एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया. यह कदम सरकार और जनता के बीच भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है.
जनता और धर्म का सम्मान
जब खेत पानी में डूब रहे थे और घरों में बाढ़ का पानी घुस रहा था, तब ‘आप’ के प्रतिनिधियों ने न केवल जनता की जान बचाने की जिम्मेदारी निभाई, बल्कि धार्मिक परंपराओं का भी सम्मान किया. इस घटना ने सिख संगत और आम जनता में यह विश्वास और गहरा किया कि उनकी सरकार संकट की घड़ी में न केवल सहायता के लिए मौजूद है, बल्कि उनके सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है.
राजधर्म की सच्ची परिभाषा
यह घटना इस बात का प्रतीक है कि राजनीति केवल सत्ता तक सीमित नहीं, बल्कि जब यह इंसानियत और धर्म के साथ जुड़ती है, तब असली ‘राजधर्म’ सामने आता है. मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी टीम ने यह साबित किया कि पंजाब सरकार की प्राथमिकता में सेवा, धर्म और जनता के अधिकार एक साथ समाहित हैं. यह संदेश आज पूरे पंजाब में गूंज रहा है कि संकट के समय सरकार और संगत मिलकर एक अटूट ताकत बनते हैं.