उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है. फिलहाल इस एक्सप्रेसवे पर कोई टोल नहीं लगेगा. यानी अगले करीब 15 दिनों तक आप बिना किसी चार्ज के इस एक्सप्रेसवे पर सफर कर सकते हैं. टोल दरें तो तय कर दी गई हैं, लेकिन वसूली शुरू होने में अभी थोड़ा समय लगेगा. 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक से बनाया गया है, जो भारी बारिश और गर्मी दोनों में मजबूत रहेगा.
गंगा एक्सप्रेसवे पर अभी टोल वसूली शुरू नहीं हुई है. यूपीडा के अधिकारियों ने बताया कि प्लेसमेंट और टोल सिस्टम की तैयारी में करीब 15 दिन का समय लगेगा. इसलिए वाहन चालक अगले दो सप्ताह तक बिना टोल दिए एक्सप्रेसवे का उपयोग कर सकेंगे. यह राहत उन लोगों के लिए खास तौर पर फायदेमंद है जो मेरठ से प्रयागराज के बीच सफर करते हैं.
यूपीडा ने स्पष्ट किया है कि टोल वसूली 15 दिनों के अंदर शुरू कर दी जाएगी. एक्सप्रेसवे पर अधिकतम स्पीड लिमिट 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है. टोल सिस्टम पूरी तरह तैयार होने के बाद ही वसूली शुरू होगी. फिलहाल ड्राइवर बिना किसी चिंता के इस नई एक्सप्रेसवे का मजा ले सकते हैं.
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल दरें तय कर दी गई हैं. दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर के लिए 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर, कार-जीप के लिए 2.55 रुपये, हल्के वाणिज्यिक वाहनों के लिए 4.05 रुपये, बस और ट्रक के लिए 8.20 रुपये तथा भारी मशीनरी के लिए 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर टोल लगेगा. 7 एक्सल वाले बड़े वाहनों पर 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क होगा.
594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है. इसे हर मौसम में मजबूत रखने के लिए 100 मिलीमीटर मोटी डामर परत और कैलिफोर्निया बेयरिंग रेशियो (CBR) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. एक्सप्रेसवे पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्विस सेंसर तकनीक भी लगाई गई है, जो यात्रा को और सुरक्षित बनाएगी.