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महिलाओं की सेहत मान सरकार की प्राथमिकता, 'नवी दिशा' से पंजाब की 13 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिल रहे मुफ्त सैनेटरी पैड

पंजाब की 'नवी दिशा' योजना ने 23 जिलों के 27,313 केंद्रों से 13.65 लाख महिलाओं तक मुफ्त सैनिटरी पैड पहुँचाए, ₹14.04 करोड़ खर्च कर 3.68 करोड़ से अधिक पैड वितरित किए, महिलाओं की स्वास्थ्य और गरिमा को मजबूत किया.

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Kuldeep Sharma

चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में महिलाओं की स्वास्थ्य, गरिमा और सशक्तिकरण के लिए ‘नवी दिशा’ योजना शुरू की, जिसने लाखों जिंदगियां बदल दी हैं. यह योजना महिलाओं को स्वच्छता और सुरक्षा के साथ जीवन जीने का अवसर देती है.

राज्य के 23 ज़िलों में 27,313 आंगनवाड़ी केंद्रों से हर महीने 13.65 लाख महिलाएं और किशोरियाँ मुफ्त सैनिटरी पैड प्राप्त कर रही हैं. यह पहल साफ-सफाई, स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को बढ़ावा देती है.

योजना का उद्देश्य और लाभार्थी

‘नवी दिशा’ का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना और उनके आत्मसम्मान को बढ़ावा देना है. माहवारी के दौरान साफ-सफाई की कमी से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए सरकार ने हर जरूरतमंद महिला तक मुफ्त पैड पहुंचाने की व्यवस्था की है. राज्य के 27,313 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 13.65 लाख महिलाएं इस योजना से जुड़ी हैं. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर यह सुविधा प्रदान करते हैं, जिससे कोई भी महिला इस सेवा से वंचित न रहे.

ग्रामीण और शहरी महिलाओं की प्रतिक्रिया

गांवों और शहरों की महिलाओं ने ‘नवी दिशा’ योजना की सराहना की है. विशेषकर ग्रामीण महिलाएं इस पहल से खुश हैं. गुरप्रीत कौर कहती हैं, “पहले पैड नहीं मिलते थे, अब घर पर हर महीने पहुंचते हैं, न शर्म न झिझक.” इस प्रकार योजना ने महिलाओं को आत्मविश्वास और सुविधा दोनों दी हैं. यह सिर्फ पैड वितरण नहीं, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान को सुनिश्चित करने वाला अभियान है.

पैड वितरण और खर्च

अब तक कुल 3.68 करोड़ से अधिक सैनिटरी पैड वितरित किए जा चुके हैं. इस पहल पर सरकार ने ₹14.04 करोड़ खर्च किए हैं. पैड 100% बायोडिग्रेडेबल हैं और पर्यावरण के लिए सुरक्षित हैं. यह न केवल महिलाओं की सेहत सुनिश्चित करता है बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी कदम है. इस योजना ने सरकारी निवेश का सीधा असर महिलाओं के जीवन पर दिखाया है.

जागरूकता और सामाजिक बदलाव

‘नवी दिशा’ ने समाज में माहवारी और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई है. अब गांवों और कस्बों में खुलकर चर्चा होती है कि माहवारी कोई बीमारी नहीं, बल्कि प्राकृतिक प्रक्रिया है. साफ-सफाई से संक्रमण कम होते हैं, आत्मविश्वास बढ़ता है और महिलाएं अपनी सेहत को लेकर सजग रहती हैं. मुख्यमंत्री मान का कहना है कि स्वास्थ्य कोई विकल्प नहीं, बल्कि ज़रूरत है.

योजना का महत्व और भविष्य
‘नवी दिशा’ योजना यह साबित करती है कि मान सरकार हर वर्ग की महिलाओं की स्वास्थ्य और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. यह पहल पंजाब में महिलाओं के लिए सुरक्षा, स्वच्छता और आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुकी है. सरकार का लक्ष्य है कि हर महिला और किशोरी तक यह सुविधा पहुंचे और समाज में बराबरी और सम्मान की भावना मजबूत हो.