मध्य प्रदेश के सतना जिले की कोठी तहसील में एक परिवार का आय प्रमाण पत्र सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया. 22 जुलाई 2025 को जारी इस प्रमाण पत्र में नयागांव निवासी रामस्वरूप पिता श्यामलाल की वार्षिक आय मात्र 3 रुपये दर्शाई गई थी. इस अविश्वसनीय आंकड़े ने लोगों को हैरानी में डाल दिया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए. सोशल मीडिया पर यह दस्तावेज तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इसे कुछ लोग मजाक तो कुछ लोग प्रशासन की लापरवाही का सबूत मान रहे हैं.
प्रशासन ने माना क्लिरिकल एरर
इस मामले पर कोठी तहसीलदार सौरभ द्विवेदी ने सफाई देते हुए कहा, “यह एक क्लिरिकल एरर था.” उन्होंने बताया कि जैसे ही यह मुद्दा सामने आया, पुराना आय प्रमाण पत्र तत्काल निरस्त कर दिया गया. इसके स्थान पर एक नया प्रमाण पत्र जारी किया गया, जिसमें परिवार की वार्षिक आय 30 हजार रुपये दर्ज की गई है. इस सुधार के बावजूद, सोशल मीडिया पर लोग ऐसी गलतियों को लेकर प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं.
MP के सतना में है हिंदुस्तान का सबसे गरीब आदमी। आधिकारिक तौर पर 3 रुपए है उसकी सालाना आय।अर्थात एक माह में उसकी आमदनी 25 पैसे है। https://t.co/S0TSYdy9y8 pic.twitter.com/KEkPtJ38yT
— JAYDEV VISHWAKARMA (@jaydev198) July 25, 2025
जनता की नाराजगी और जवाबदेही की मांग
सोशल मीडिया पर लोगों ने इस गलती को गंभीर लापरवाही करार देते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि इस प्रमाण पत्र का उपयोग किसी सरकारी योजना या छात्रवृत्ति के लिए होता, तो ऐसी गलती का प्रभाव कितना व्यापक हो सकता था.