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India Daily

चुनाव के दौरान आतंकी हमलों की क्या वजह है? लाल किला विस्फोट पर सिद्धारमैया के बयान से भड़की बीजेपी ने दिया ये जवाब

सिद्धारमैया ने बुधवार को 'एक्स' पर अपने बयान की मीडिया कवरेज को साझा करते हुए पूछा, चुनाव के दौरान देश में आतंकवादी हमलों का क्या कारण है?

Gyanendra Sharma
चुनाव के दौरान आतंकी हमलों की क्या वजह है? लाल किला विस्फोट पर सिद्धारमैया के बयान से भड़की बीजेपी ने दिया ये जवाब
Courtesy: X-@siddaramaiah

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुए बम विस्फोट के समय पर सवाल उठाकर विवाद खड़ा कर दिया और पूछा, "चुनाव के दौरान देश में आतंकवादी हमलों का क्या कारण है?" मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर विपक्षी भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.

सिद्धारमैया ने बुधवार को 'एक्स' पर अपने बयान की मीडिया कवरेज को साझा करते हुए पूछा, "चुनाव के दौरान देश में आतंकवादी हमलों का क्या कारण है?" उनकी यह टिप्पणी बिहार में मंगलवार को दूसरे और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने तथा मतदान से एक दिन पहले दिल्ली में हुए विस्फोट के बाद आई है.

भाजपा ने की आलोचना

भाजपा कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने सिद्धारमैया और अन्य कांग्रेस नेताओं की आलोचना करते हुए उनके बयानों को “गैर-जिम्मेदाराना, असंवेदनशील और निम्न-स्तरीय राजनीति” कहा. मंगलवार को मैसूर में पत्रकारों से बातचीत में चुनाव के दौरान देश में हुए विस्फोटों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा, "देश में कोई बम विस्फोट नहीं होना चाहिए; निर्दोष लोग मारे गए हैं."

उन्होंने कहा, "यह चुनाव के दौरान हुआ है और इसकी जांच की जानी चाहिए." सिद्धारमैया ने इस संभावना का भी उल्लेख किया कि विस्फोट बिहार चुनावों को प्रभावित कर सकता है, उन्होंने कहा, "यह भाजपा के खिलाफ होगा." इससे पहले, मंत्री प्रियांक खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह को स्वतंत्र भारत का “सबसे अक्षम गृह मंत्री” कहा था और विस्फोट में खुफिया विफलता का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की थी.

ब्लास्ट में  12 लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल

10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए शक्तिशाली विस्फोट में 12 लोग मारे गए और 20 से अधिक घायल हो गए. यह घटना फरीदाबाद और हरियाणा में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से कथित रूप से जुड़े एक "सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल" के भंडाफोड़ के कुछ दिनों बाद हुई है. इस मामले में फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़े तीन डॉक्टरों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया और छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए गए.