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झारखंड में 23 फरवरी को छूट्टी का ऐलान, नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारी तेज

झारखंड में नगर निकाय चुनाव की वजह से 23 फरवरी को छुट्टी का ऐलान किया गया है. उस दिन क्या बंद रहेंगे और क्या खुले रहेंगे इसकी जानकारी दी गई है.

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Edited By: Reepu Kumari
झारखंड में 23 फरवरी को छूट्टी का ऐलान, नगर निकाय चुनाव को लेकर तैयारी तेज
Courtesy: Pinterest

झारखंड में नगर निकाय चुनाव है. 23 फरवरी को मतदान होने हैं. उस दिन संबंधित नगरपालिका क्षेत्र में छुट्टी का ऐलान किया गया है. आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार लोगों से आग्रह किया गया है कि अपना जरुरी काम पहले ही खत्म कर लें. संबंधित नगरपालिका क्षेत्र में सभी दुकान के साथ-साथ प्रतिष्ठान भी बंद रखे जाएंगे. इनके कर्मियों को वेतन भी मिलेगा.शुक्रवार कोकार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर ये जानकारी दी है. 

अवकाश मंजूर

जारी अधिसूचना में साफ-साफ कहा गया है कि 'कोई व्यक्ति सामान्य तौर पर नगर निकाय क्षेत्र में निवास करता हो और उस निर्वाचन क्षेत्र का वोटर हो तो लेकिन वह नगर निकाय क्षेत्र के बाहर के औद्योगिक इकाई, प्रतिष्ठान या दुकान में नौकरी कर रहा है या अपनी सेवाएं दे रहा हो, तो उसे रोका नहीं जाएगा. 23 फरवरी को मतदान वाले दिन बॉस छुट्टी देगा. उस दिन के लिए कर्मचारी की सैलरी नहीं कटेगी. 

एक ही चरण में होंगे मतदान

झारखंड राज्य चुनाव आयोग की घोषणा के बाद तैयारी तेज है.  रांची नगर निगम सहित 48 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव 23 फरवरी को एक ही चरण में कराए जाएंगे. राज्य चुनाव आयुक्त अलका तिवारी ने अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि वोटों की गिनती 27 फरवरी को होगी.

नामांकन प्रक्रिया 29 जनवरी से शुरू हुई 4 फरवरी तक चली. नामांकन पत्रों की जांच 5 फरवरी तक हो गई. उम्मीदवारों के पास 6 फरवरी तक अपना नामांकन पत्र वापस लेने का मौका था. झारखंड में नगर निगम चुनाव आधिकारिक पार्टी चिन्हों पर नहीं लड़े जाते हैं, इसलिए उन्हें 7 फरवरी को चिन्ह आवंटित किए गए हैं.

कितने मतदाता 

नौ नगर निगमों, 20 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों के 1,087 वार्डों में होने वाले चुनावों में 21.26 लाख महिलाओं सहित 43.33 लाख से अधिक मतदाता मतदान करने के पात्र हैं. लगभग तीन वर्षों से चुनाव लंबित हैं, और वर्तमान में सभी शहरी स्थानीय निकाय प्रशासनिक नियंत्रण में हैं. इस देरी की झारखंड उच्च न्यायालय ने कड़ी आलोचना की थी, जिसके बाद आयोग ने नवंबर 2025 में एक समयसीमा प्रस्तुत की, जिसमें आठ सप्ताह के भीतर औपचारिकताएं पूरी करने और चुनाव अधिसूचना जारी करने की प्रतिबद्धता जताई गई.