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India Daily

भैंसे का नाम ‘विधायक’, कीमत 8 करोड़ रुपये, पीता है काजू-बादाम वाला दूध, मालिक की कमाई करवाता है 50 लाख महीना, जानें क्यों हैं खास?

गुरुवार को संपन्न तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेले में हरियाणा के पानीपत से आए पद्मश्री नरेंद्र सिंह के मशहूर मुर्रा नस्ल के भैंसे 'विधायक' ने एक बार फिर सबका ध्यान खींचा. अपनी शानदार कद-काठी और नस्ल की गुणवत्ता के कारण उसे ओवरऑल चैंपियन का खिताब मिला.

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Edited By: Princy Sharma
भैंसे का नाम ‘विधायक’, कीमत 8 करोड़ रुपये, पीता है काजू-बादाम वाला दूध, मालिक की कमाई करवाता है 50 लाख महीना, जानें क्यों हैं खास?
Courtesy: @askrajeshsahu

Vidhayak Buffalo Haryana: तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेला गुरुवार को एक कृषि संस्थान में भव्य रूप से संपन्न हुआ और हर साल की तरह, इस बार भी मुख्य आकर्षण कोई और नहीं बल्कि हरियाणा के पानीपत के पद्मश्री पुरस्कार विजेता नरेंद्र सिंह के स्वामित्व वाला प्रसिद्ध भैंसा 'विधायक' था.

यह कोई साधारण पशु प्रदर्शनी नहीं थी पूरे भारत से किसान और पशुपालक अपने सर्वश्रेष्ठ पशुओं को प्रतियोगिता में लेकर आए थे. लेकिन एक बार फिर, एक शानदार मुर्रा नस्ल के भैंसे, विधायक ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा और अपनी असाधारण बनावट, रूप-रंग और मजबूत नस्ल की गुणवत्ता के लिए ओवरऑल चैंपियन का खिताब जीता.

40-50 लाख रूपये में बेचा जाता है सीमन

पशुधन और नस्ल सुधार के क्षेत्र में एक जाना-माना नाम, नरेंद्र सिंह ने गर्व से अपने बेशकीमती भैंसे का प्रदर्शन किया. दिलचस्प बात यह है कि 'विधायक' न सिर्फ अपने लुक के लिए मशहूर है, बल्कि अपनी 8 करोड़ रुपये की जबरदस्त कीमत के लिए भी मशहूर है! जी हांआपने सही पढ़ा. सिंह का कहना है कि वह सिर्फ ब्रीडिंग के लिए भैंसे का सीमन बेचकर ही हर साल 40-50 लाख रुपये कमा लेते हैं. उनका दावा है कि अब तक उन्होंने इससे लगभग 8 करोड़ रुपये कमाए हैं.

शानदार खान-पान

'विधायक' को और भी अनोखा बनाता है उसका शानदार खान-पान. सिंह ने बताया कि यह भैंसा रोजाना 10 लीटर से ज्यादा दूध पीता है, सूखे मेवे खाता है और अपनी बेहतरीन सेहत और रूप-रंग बनाए रखने के लिए उसे पनीर और अन्य विशेष पोषण पूरक भी दिए जाते हैं. ज्यादातर भैंसों के उलट, विधायक सिर्फ चारा और घास नहीं खाता वह शाही अंदाज में रहता है!

यह कार्यक्रम सिर्फ पशुधन के बारे में नहीं था. मेले में आए किसानों को कृषि की नवीनतम जानकारी, जैसे उच्च गुणवत्ता वाले बीज, उर्वरक, पशु आहार और पारंपरिक खाद्य पदार्थों का अनुभव करने का अवसर मिला. कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. राजबीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से आए प्रतिभागियों ने विभिन्न प्रकार के मजबूत और सुंदर भैंसों, बैलों और घोड़ों का प्रदर्शन किया.

मेले में कई चरणों में मवेशियों के लिए सौंदर्य प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिससे यह किसानों, प्रजनकों और कृषि प्रेमियों के लिए एक जीवंत और शिक्षाप्रद आयोजन बन गया. एक बार फिर, 'विधायक' ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक भैंसा नहीं है वह एक ब्रांड, एक चैंपियन और पशु जगत का एक सच्चा सेलिब्रिटी है!