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Delhi BMW Accident: 'जानबूझकर दूर अस्पताल ले गई...'BMW हादसे में दिल्ली पुलिस का बड़ा खुलासा, कोर्ट ने 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा

दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा कि गगनप्रीत कौर ने BMW हादसे के बाद घायल को पास के अस्पताल की बजाय जानबूझकर दूर ले जाया, जिससे पीड़ित की जान जोखिम में पड़ी. इस मामले में अदालत ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया है और आरोपी गगनप्रीत को कोर्ट ने 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा दिया.

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Delhi BMW Accident: दिल्ली कैंटोनमेंट मेट्रो स्टेशन के पास BMW ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी इस हादसे में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी नवजोत सिंह की मौत हो गई थी जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हो गईं. अब इस मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को अदालत में कहा कि गगनप्रीत कौर से जुड़ा BMW हादसा महज एक साधारण दुर्घटना नहीं है. पुलिस ने आरोप लगाया कि गगनप्रीत ने जानबूझकर घायल को पास के अस्पताल ले जाने की बजाय दूर स्थित अस्पताल पहुंचाया, जिससे पीड़ित की जान जोखिम में पड़ गई.

पुलिस का कहना है कि गगनप्रीत को पूरी तरह जानकारी थी कि सड़क हादसों में हर एक क्षण अहम होता है, फिर भी उसने सलाह को नजरअंदाज किया. पीड़ित परिवार के वकील ने आरोप लगाया कि जिस अस्पताल में गगनप्रीत ने घायल को पहुंचाया, उसका संबंध उसके रिश्तेदारों से है. वहां पर गंभीर रूप से घायल पीड़ित को केवल स्ट्रेचर पर डाल दिया गया, जबकि गगनप्रीत खुद ICU में भर्ती हो गई. अदालत में पीड़ित ने हादसे की गंभीरता बताते हुए कहा, 'सोचिए गाड़ी की कितनी स्पीड रही होगी कि वह पलट गई.'

सीसीटीवी सबूत सुरक्षित रखने की मांग

दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने इस मामले में बुधवार को सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के लिए दायर आवेदन पर नोटिस जारी किया है. यह आवेदन गगनप्रीत कौर की ओर से दाखिल किया गया, जिसमें मांग की गई कि दुर्घटना स्थल का सीसीटीवी सबूत सुरक्षित किया जाए. अदालत ने इस आवेदन पर सुनवाई गुरुवार के लिए तय की है. वहीं, इस मामले में आरोपी गगनप्रीत को कोर्ट ने 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा है.

गगनप्रीत के पति से पूछताछ 

उधर, जांच के सिलसिले में पुलिस ने गगनप्रीत के पति परीक्षित कक्कड़ से भी पूछताछ की. उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें पता नहीं कि हादसा कैसे हुआ. उन्होंने कहा कि गगनप्रीत ने उन्हें केवल यह जानकारी दी थी कि वह घायलों को अस्पताल ले जा रही है. इसके बाद उन्होंने अपने ससुर को सूचना दी कि तुरंत इलाज की आवश्यकता है. परीक्षित ने बताया कि वह खुद एक अन्य टैक्सी से अस्पताल पहुंचे. पुलिस अब उनके बयान को अन्य साक्ष्यों से मिलान करेगी.