लाडकी बहिन योजना e-KYC की तारीख बढ़ी, अब इस दिन तक पूरा करें अपडेशन का काम
महाराष्ट्र सरकार ने माझी लाडकी बहिन योजना की लाभार्थी महिलाओं को बड़ी राहत दी है. जिनकी किस्त रुकी थी वे 31 मार्च तक e-KYC अपडेट कर दोबारा लाभ ले सकेंगी.
नई दिल्ली: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत शामिल हजारों महिलाओं के लिए सरकार ने अहम फैसला लिया है. तकनीकी या दस्तावेज़ी त्रुटियों के कारण जिन महिलाओं की मासिक सहायता रुक गई थी, उन्हें अब दोबारा मौका दिया गया है. महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने साफ किया है कि कोई भी पात्र महिला सिर्फ कागजी या डिजिटल गलती की वजह से योजना के लाभ से वंचित नहीं रहेगी.
पिछले कुछ महीनों में कई लाभार्थी महिलाओं ने शिकायत की थी कि उनके बैंक खातों में 1,500 रुपये की मासिक सहायता नहीं आ रही है. जांच में सामने आया कि फॉर्म भरते समय, आधार लिंकिंग या डिजिटल सत्यापन के दौरान अनजाने में हुई गलतियों के कारण भुगतान अटक गया. कुछ मामलों में अधूरे दस्तावेज़ या गलत जानकारी भी कारण बनी, जिससे सिस्टम में भुगतान रोक दिया गया.
सरकार का राहत भरा फैसला
महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है, न कि उन्हें तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझाना. इसी को देखते हुए सभी पात्र महिलाओं को 31 मार्च तक e-KYC विवरण अपडेट करने का अवसर दिया गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि तय समय में प्रक्रिया पूरी करने पर रुकी हुई किस्तें फिर से शुरू कर दी जाएंगी.
घर बैठे e-KYC की सुविधा
सरकार ने e-KYC प्रक्रिया को सरल रखा है ताकि महिलाओं को दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. लाभार्थी महिलाएं ladakibahin.maharashtra.gov.in वेबसाइट पर जाकर e-KYC विकल्प चुन सकती हैं. यहां उन्हें अपना नाम, पता, आधार नंबर, बैंक विवरण और आय प्रमाण पत्र की जानकारी दोबारा सत्यापित करनी होगी. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी.
पात्रता की शर्तें स्पष्ट
माझी लाडकी बहिन योजना का लाभ उन्हीं महिलाओं को दिया जाता है जो सरकार की तय शर्तों पर खरी उतरती हैं. लाभार्थी की आयु 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए. परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम हो. महिला किसी अन्य सरकारी वित्तीय सहायता योजना का लाभ न ले रही हो. इसके अलावा बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है.
पारदर्शिता पर सरकार का जोर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि e-KYC हर साल अनिवार्य है ताकि योजना में पारदर्शिता बनी रहे और फर्जी दावों पर रोक लगाई जा सके. सरकार का कहना है कि यह प्रक्रिया पात्र महिलाओं के हित में है. 31 मार्च तक e-KYC अपडेट कर महिलाएं न सिर्फ अपनी रुकी हुई किस्त पा सकती हैं बल्कि आगे भी बिना रुकावट योजना का लाभ ले सकेंगी.