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दिल्ली ब्लास्ट केस: CCTV फुटेज से खुला एक और बड़ा राज, स्पेशल सेल ने दर्ज की नई FIR

दिल्ली में लाल किले के पास हुए धमाके के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नई FIR दर्ज की है. ये FIR तब दर्ज की है, जब स्पेशल सेल को एक CCTV फुटेज हाथ लगा. इस CCTV फुटेज से धमाके को को लेकर एक और अहम जानकारी सामने आई है.

Kanhaiya Kumar Jha
दिल्ली ब्लास्ट केस: CCTV फुटेज से खुला एक और बड़ा राज, स्पेशल सेल ने दर्ज की नई FIR
Courtesy: X

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लाल किला कार विस्फोट मामले में आपराधिक साजिश के तहत एक नई एफआईआर दर्ज कर ली है. पहले विस्फोट के तुरंत बाद स्थानीय थाने में प्राथमिक एफआईआर दर्ज की गई थी, लेकिन अब आतंकवाद निरोधी इकाई ने जांच का बड़ा हिस्सा अपने हाथ में ले लिया है, ताकि मामले की गहराई से पड़ताल की जा सके.

स्पेशल सेल ने यह कदम तब उठाया जब उन्हें भूमिगत लाल किला मेट्रो स्टेशन के खास सीसीटीवी फुटेज मिले. इन फुटेज में साफ दिख रहा है कि विस्फोट की ताकत कितनी ज्यादा थी. धमाका इतना जोरदार था कि स्टेशन के ऊपर की जमीन लगभग 40 फीट गहराई तक हिल गई. अचानक आए कंपन से पूरा स्टेशन कुछ क्षणों के लिए कांप उठा, जिससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऊपर सड़क पर क्या खौफनाक घटना घटी होगी.

CCTV फुटेज से धमाके की भयावहता का पता चला

वीडियो में एक खाने-पीने की दुकान की वस्तुएं तेजी से हिलती दिखाई देती हैं. वहां मौजूद यात्री अचानक घबरा जाते हैं. कुछ पीछे हटते हैं, फिर तुरंत सुरक्षा के लिए भागते हुए दिखाई देते हैं. जांच अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में दिखी यह हलचल इस बात का प्रमाण है कि धमाका बेहद शक्तिशाली था.

विस्फोट भूमिगत स्टेशन के ठीक ऊपर सड़क पर हुआ था. अधिकारियों का कहना है कि अगर सड़क या संरचना को ज्यादा नुकसान हुआ होता, तो इसका सीधा असर नीचे चलने वाली मेट्रो लाइन पर पड़ सकता था. फिलहाल, खतरे की आशंका टल गई, लेकिन यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चेतावनी है.

हो सकती है कई अहम गिरफ्तारियां

स्पेशल सेल द्वारा जांच संभालते ही फोकस इस हमले की बड़ी साजिश को समझने पर है. इस धमाके में 13 लोगों की जान गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे. पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई अहम गिरफ्तारियां हो सकती हैं और फोरेंसिक टीमें महत्वपूर्ण सबूत जुटा रही हैं.

फोरेंसिक जांच में क्या सामने आया? 

फोरेंसिक जांच में पता चला है कि धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक काफी उच्च श्रेणी के थे. टीमों ने घटनास्थल से 40 से अधिक नमूने एकत्र किए हैं. इनमें कारतूस, जिंदा कारतूस और विस्फोटक सामग्री के कई अंश शामिल हैं. शुरुआती जांच से यह भी संकेत मिला है कि एक नमूने में अमोनियम नाइट्रेट मौजूद था, लेकिन उससे भी ज्यादा शक्तिशाली पदार्थ का इस्तेमाल किया गया है.

विस्फोट सोमवार शाम हुआ था, जब एक धीमी गति से चलती हुंडई i20 कार लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास आकर रुक गई और अचानक उसमें आग लग गई. बाद में डीएनए जांच से यह पुष्टि हुई कि कार चलाने वाले व्यक्ति अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद के सहायक प्रोफेसर डॉ. उमर नबी थे.