नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है. दिल्ली पुलिस ने आरोपी सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें ऐसे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं जिन्हें सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा. चार्जशीट में पुलिस ने आरोपी के कबूलनामे के कई अहम हिस्से भी शामिल किए हैं.
चार्जशीट के मुताबिक, 41 वर्षीय सकरिया राजेशभाई खिमजी ने पूछताछ में बताया कि वह खुद को 'कुत्तों का रक्षक' मानता है. चार्जशीट में कहा गया है कि आरोपी को बचपन से ही आवारा जानवरों, खासकर कुत्तों से गहरा लगाव था. खिमजी ने अपने घर के पास महाकाल का एक मंदिर बनवाया हुआ था, जहां कई आवारा कुत्ते भी रहते थे.
चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि आरोपी ने पहले अयोध्या में बंदरों के मुद्दे पर भूख हड़ताल की थी, और मंदिर के गार्ड्स से झड़प के बाद जेल भी गया था. बाद में उसने सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो देखे जिनमें सीएम रेखा गुप्ता द्वारा कुत्तों को लेकर की गई कार्रवाई दिखाई गई थी.
चार्जशीट के एक अहम हिस्से में आरोपी का बयान दर्ज है कि उसे एक सपना आया और सपने में शिवलिंग के बगल में एक कुत्ता बोला, 'दिल्ली में कुत्ते दुखी हैं.' इसके बाद आरोपी ने उज्जैन में महाकाल मंदिर जाकर दो पर्चियां बनाई, एक पर 'हाँ' और दूसरी पर 'ना' लिखा. जब पर्चियों को महाकाल महाराज के आगे डालकर एक पर्ची उठाई तो उसमें हां लिखा था. जिसके बाद उसने अपनी पत्नी से पैसे मांगे लेकिन उसने इंकार कर दिया जिसके बाद उसने अपने दोस्त 'तहसीन उर्फ बापू' से 2000 रुपये उधार लिए और कहा, 'अगर किसी ने इस बार मुझे रोका, तो मैं उसे मार दूंगा.'
चार्जशीट में बताया गया है कि आरोपी पहले शालीमार बाग गया, फिर सिविल लाइंस स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचा. उसने वहां जाकर रेखा गुप्ता से पकड़े गए कुत्तों को छोड़ने की मांग की. जब मुख्यमंत्री ने कहा कि कुत्ते कोर्ट के आदेश पर पकड़े गए हैं, तो वह भड़क गया और हमला कर दिया. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में स्पष्ट लिखा गया है... 'आरोपी ने पहले मुख्यमंत्री को जोर से थप्पड़ मारा, फिर बालों से पकड़कर उन्हें जमीन पर गिराया और जान से मारने की नीयत से हमला जारी रखा.' वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले केर दिया.