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कौन है टॉप माओवादी कमाडंर मादवी हिडम? जिसे मारकर सुरक्षा बलों ने लिया सैकड़ों मौत का बदला

माओवादी कमांडर मदवी हिडमा मुठभेड़ में मारा गया है. वह कई बड़े हमलों में शामिल था और उस पर पचास लाख रुपये का इनाम था. मुठभेड़ में उसकी पत्नी के भी मारे जाने की जानकारी मिली है.

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Km Jaya

सुकमा: माओवादी संगठन से जुड़ा शीर्ष कमांडर मडवी हिडमा एक मुठभेड़ में मारा गया है. साल 1981 में सुकमा में जन्मे हिडमा पर पचास लाख रुपये का इनाम घोषित था. सूत्रों का कहना है कि मुठभेड़ में उसकी पत्नी राजे उर्फ राजक्का भी मारी गई है. हिडमा को सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हुए कई बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता था. 

सूत्रों के अनुसार यह मुठभेड़ आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में उस जगह हुई जहां आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमाएं मिलती हैं. यह इलाका लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का गढ़ माना जाता है. इस सफलता को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.

किस बटालियन का करता था नेतृत्व?

मडवी हिडमा का नाम कई बड़े माओवादी हमलों में सामने आया था. वह पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी की एक बटालियन का नेतृत्व करता था. सीपीआई माओवादी की सेंट्रल कमेटी का सबसे युवा सदस्य था. वह बस्तर क्षेत्र से एकमात्र जनजातीय सदस्य था जिसे केंद्रीय समिति में जगह मिली थी. 

किन-किन हमलों में निभाई प्रमुख भूमिका?

साल 2010 में दंतेवाड़ा में हुए हमले में 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे और इस हमले की योजना में हिडमा की भूमिका प्रमुख बताई गई थी. इसके बाद 2013 में झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं पर हुए हमले में भी उसने बड़ी भूमिका निभाई थी. इसके अलावा 2021 में सुकमा बिजापुर में सुरक्षा बलों पर हुए हमले किये थे.

अधिकारियों ने क्या बताया?

अधिकारियों के अनुसार हिडमा की मौजूदगी इस पूरे क्षेत्र में माओवादियों के लिए बड़ी ताकत मानी जाती थी. सुरक्षा बलों का मानना है कि उसके मारे जाने से माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा. पिछले कुछ समय से सुरक्षा एजेंसियां उसके ठिकानों पर लगातार दबाव बना रही थीं और उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही थीं. बताया जा रहा है कि गांवों से मिली गोपनीय जानकारी और लगातार चल रहे ऑपरेशनों के बाद सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया था. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि मुठभेड़ वाले क्षेत्र में कुछ और नक्सलियों की तलाश की जा रही है. आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान जारी है. अधिकारियों का मानना है कि आगामी दिनों में इस ऑपरेशन से और भी अहम जानकारी सामने आ सकती है.