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फोन देखने से रोक तो पिता की पीट-पीटकर कर दी हत्या, पत्नि और बेटी ने मिलकर ऐसे रची साजिश

छत्तीसगढ़ में अपराध का एक बड़ा मामला सामने आया है. जिसमें एक परिवार तीन सदस्यों ने मिलकर घर के मुखिया की हत्या कर दी. यह विवाद केवल मोबाइल फोन देखने के कारण हुआ.

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Edited By: Shanu Sharma
फोन देखने से रोक तो पिता की पीट-पीटकर कर दी हत्या, पत्नि और बेटी ने मिलकर ऐसे रची साजिश
Courtesy: Pinterest

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला हत्याकांड सामने आया है. मोबाइल फोन देखने को लेकर हुए साधारण घरेलू विवाद में पूरे परिवार ने मिलकर घर के मुखिया की निर्मम हत्या कर दी. पुलिस ने इस मामले पर जांच करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

यह घटना 29 सितंबर 2025 की है, जिसमें वीरेंद्र भारती गोस्वामी नाम के व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. जांच के दौरान परिवार वालों ने बताया था कि वे बाथरूम में गिरकर बेहोश हो गए थे, लेकिन पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर 17 गंभीर चोटों का पता चला था. 

पोस्टरमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच तेज

पुलिस पोस्टरमार्टम रिपोर्ट के तर्ज पर जांच शुरूकर दी. लंबी जांच के बाद आज पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी. जांच में सामने आया कि 27 सितंबर 2025 की रात करीब 11 बजे घर में मोबाइल फोन इस्तेमाल को लेकर तीखा विवाद हुआ.

वीरेंद्र भारती गोस्वामी अपनी पत्नी दीपा भारती गोस्वामी और बेटी तनिया भारती गोस्वामी से इस मुद्दे पर बहस कर रहे थे. गुस्से की इस आग में एक नाबालिग लड़की भी शामिल हो गई. तीनों ने मिलकर लकड़ी के बैट और ईंटों से वीरेंद्र के सिर और शरीर पर लगातार हमले किए. इतनी भीषण मारपीट हुई कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई.

परिजनों को धोखा देने की कोशिश

हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत छिपाने की पूरी कोशिश की. उन्होंने खून के निशान साफ किए और हत्या में इस्तेमाल किए गए लकड़ी के बैट तथा ईंटों को पास के नाले में फेंक दिया. इसके बाद उन्होंने पूरे परिवार और पड़ोसियों को गुमराह करने के लिए झूठी कहानी गढ़ी कि वीरेंद्र बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे और बेहोश हो गए.

इस फर्जी कहानी के जरिए उन्होंने कई दिनों तक पुलिस और परिजनों को धोखा देने की कोशिश की. हालांकि पकड़े जाने के बाद पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी, बेटी और नाबालिग लड़की ने पूरी कहनी बताई. जिसके बाद पुलिस ने उन तीनों को गिरफ्तर कर लिया. तीनों आरोपियों को अदालत को आज न्यायालय में पेश किया गया. जिसके बाद नाबालिग लड़की को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है, जबकि मां दीपा और बेटी तनिया को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.