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'बकवास मत करो...', प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार पर क्यों भड़के तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव का यह रुख न केवल नीतीश कुमार के लिए एक सख्त संदेश है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आरजेडी अपनी रणनीति को लेकर स्पष्ट और आक्रामक है. अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में क्या नया मोड़ आता है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'बकवास मत करो...', प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार पर क्यों भड़के तेजस्वी यादव

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ फिर से गठबंधन की संभावना पर सवाल उठने पर तीखी नाराजगी जताई. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ शब्दों में ऐसी किसी भी संभावना से इनकार कर दिया और पत्रकारों पर मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया.

तेजस्वी ने कहा, “हम उनके साथ हाथ क्यों मिलाएंगे? आप लोग असल मुद्दे से ध्यान क्यों हटा रहे हैं?” यह बयान तब आया जब उनसे उन मीडिया रिपोर्ट्स के बारे में पूछा गया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि नीतीश कुमार अपनी सत्तारूढ़ गठबंधन सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से नाराज हैं और बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नेतृत्व में बदलाव की आशंका जता रहे हैं.

"कोई ऑफर नहीं आया"
तेजस्वी ने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, “किसी की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है. मेरी पार्टी में गठबंधन को लेकर फैसला लेने का अधिकार सिर्फ आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और मुझे है. कृपया बेकार की बातें न करें.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नीतीश कुमार के साथ दोबारा हाथ मिलाने का कोई सवाल ही नहीं उठता.

नीतीश पर निशाना
तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर निजी हमला भी बोला. उन्होंने कहा, “नीतीश जी अब होश में नहीं हैं. यह उनके सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा की गुणवत्ता से साफ जाहिर है.” उनका इशारा नीतीश के हालिया बयानों की ओर था, जिनमें उनकी भाषा और व्यवहार को लेकर सवाल उठे हैं.

बिहार की सियासी हलचल
बिहार में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और राजनीतिक गलियारों में नीतीश कुमार के अगले कदम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं. बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच गठबंधन में तनाव की खबरें भी सामने आ रही हैं. कुछ लोग यह भी कयास लगा रहे हैं कि नीतीश एक बार फिर पाला बदल सकते हैं, जैसा कि वे पहले भी कर चुके हैं. हालांकि, तेजस्वी के इस बयान से साफ है कि आरजेडी इस बार नीतीश के साथ किसी समझौते के मूड में नहीं है.

तेजस्वी यादव का यह रुख न केवल नीतीश कुमार के लिए एक सख्त संदेश है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आरजेडी अपनी रणनीति को लेकर स्पष्ट और आक्रामक है. अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में बिहार की सियासत में क्या नया मोड़ आता है.