'अब हम औकात दिखाएंगे...' भले ही छोड़ना पड़े मंत्री पद, जीतन राम मांझी के बगावती सुर

बिहार में एक रैली को संबोधित करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि लगता है कि हमें अपनी औकात दिखानी पड़ेगी. भले ही हमें मोदी सरकार की कैबिनेट से इस्तीफा देना पड़े.

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Kamal Kumar Mishra

Jitan Ram Manjhi: दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीतन राम मांझी की पार्टी को सीट नहीं मिलने पर खासा नाराज चल रहे हैं. इसके पहले बिहार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) को झारखंड के चुनावों में भी सीट नहीं मिली थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को इन राज्यों में टिकट इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि उन्हें राजनीतिक ताकत के रूप में नजरअंदाज किया गया. मांझी का कहना है कि बिहार में मुसहर और भुइयां समाज की बड़ी आबादी और उनकी राजनीतिक ताकत को अब अनदेखा नहीं किया जा सकता.

बीजेपी ने झारखंड में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) को एक सीट दी थी, जबकि दिल्ली में भी उसकी पार्टी ने चुनाव लड़ा था. इन दोनों ही राज्यों में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा को कोई सीट नहीं मिली, जिससे जीतन राम मांझी बेहद निराश हैं. इस मुद्दे पर उन्होंने मुंगेर के जमालपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा, 'हमारे कार्यक्रमों में भीड़ जुट रही है, लोग हमारे साथ हैं, तो फिर हमें सीट क्यों नहीं दी गई?'

मांझी ने आगे कहा, "हम कोई ज्यादा सीट नहीं मांग रहे हैं, बस अपनी राजनीतिक ताकत के हिसाब से हमें सीट दी जाए. अगर हमारी पार्टी को टिकट नहीं मिलेगा, तो हमें यह स्थिति बर्दाश्त नहीं होगी. लगता है कि हमें अपनी औकात दिखानी पड़ेगी और हो सकता है कि हमें मोदी सरकार की कैबिनेट से इस्तीफा भी दे देना पड़े."

बिहार में औकात दिखाने की चेतावनी

वहीं, जहानाबाद में भुइयां-मुसहर सम्मेलन को संबोधित करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि बिहार में मुसहर और भुइयां समाज की बढ़ती राजनीतिक ताकत को नजरअंदाज करना बीजेपी के लिए महंगा साबित हो सकता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि झारखंड और दिल्ली में टिकट न मिलने का उन्हें गहरा आघात लगा है, लेकिन अब बिहार में वह अपनी राजनीतिक स्थिति को साबित करेंगे.

बिहार में 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान

मांझी ने अपने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि बिहार विधानसभा चुनाव में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा का शानदार प्रदर्शन होगा. उनका कहना था कि उनके कार्यकर्ता 40 सीटों की मांग कर रहे हैं, ताकि वे कम से कम 20 सीटें जीत सकें. यदि पार्टी इतनी सीटें जीतने में सफल होती है, तो वे बिहार में अपनी नीति के अनुरूप काम करेंगे. 

नाराजगी पर क्या बोले मांझी

जब उनसे सवाल पूछा गया कि क्या वह एनडीए से नाराज हैं, तो मांझी ने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि वह नाराज नहीं हैं, लेकिन अपनी मांग को पूरा करने का अधिकार तो उन्हें है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, 'अगर घर में रोटी की मांग है, तो गार्जियन से की जाती है, और हमें हमारी जरूरत के हिसाब से सीट मिलनी चाहिए.'