पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है. शुरुआती आंकड़ों में एनडीए गठबंधन 243 में से 136 सीटों पर बढ़त बनाते हुए बहुमत के आंकड़े को पार करता दिख रहा है. हालांकि इन रुझानों पर कांग्रेस नेता उदित राज ने गंभीर सवाल उठाए हैं.
उन्होंने एनडीए की बढ़त को भाजपा–जदयू की जीत न बताते हुए इसे 'चुनाव आयोग की जीत' और 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया है. उदित राज ने दावा किया कि बड़ी संख्या में मतदाता सूची की गड़बड़ियों की शिकायतें की गई थीं, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने कहा कि जब आप विपक्षी मतदाताओं के नाम हटा देते हैं और हजारों मतदाताओं को बूथ से लौटा देते हैं, उस स्थिति में यह नतीजे असली जनादेश नहीं माने जा सकते.
#WATCH | As NDA crosses the majority mark in #BiharElections, Congress leader Udit Raj says, "SIR is leading. I won't say that this victory is of the BJP-JD(U); this is a victory of the Election Commission, of SIR. After the voter list was sanitised, lakhs of discrepancies were… pic.twitter.com/bGm7GRedXj
— ANI (@ANI) November 14, 2025
उदित राज ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'एसआईआर जीत रहा है. मैं यह नहीं कह रहा कि भाजपा–जदयू की जीत है. यह चुनाव आयोग की जीत है. लाखों गलतियों के बावजूद किसी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई इलाकों में जनता के भीतर सत्ता विरोधी लहर थी. उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर भाजपा नेताओं को लोगों ने घेर कर विरोध किया. ऐसे में एनडीए की यह बढ़त संदेह पैदा करती है. कांग्रेस नेता ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और कहा कि 'यह लोकतंत्र की हत्या है.'
दूसरी ओर चुनाव आयोग से मिल रहे रुझान बताते हैं कि एनडीए आराम से 150 से ज्यादा सीटों पर पहुंच सकता है. जबकि आरजेडी के नेतृत्व वाला महागठबंधन पिछली बार की तुलना में कमजोर दिख रहा है. उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा लखीसराय में पीछे चल रहे हैं, जबकि भाजपा के मंगल पांडे सीवान में मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. जदयू के सुनील कुमार भोरे सीट से आगे चल रहे हैं. इन नेताओं की स्थिति भी चुनावी मुकाबले में रोचक मोड़ जोड़ रही है. सुबह 8 बजे से पूरे बिहार में मतगणना शुरू हुई. पहले पोस्टल बैलेट्स की गिनती की गई और फिर ईवीएम की गणना शुरू हुई. पूरे राज्य में 4372 काउंटिंग टेबल लगाई गई थीं और 18 हजार से अधिक काउंटिंग एजेंट तैनात किए गए.