Bihar Crime News: बेतिया पुलिस ने दीपक गुंजन पटेल हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा कर दिया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. 12 जुलाई को बलथर थाना क्षेत्र में जो लाश मिली थी, उसे शुरुआत में रेल हादसा समझा गया था, लेकिन मृतक की मां की FIR और पुलिस की गहन जांच ने साबित कर दिया कि यह कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि दोस्ती के नाम पर रची गई एक भयानक साजिश थी.
इस जघन्य अपराध के पीछे की वजह प्यार की जलन है. मृतक दीपक का एक नाबालिग लड़की से प्रेम-संबंध था, जिससे आरोपी रोहित भी एकतरफा प्यार करता था. इसी जलन और प्रतिशोध की आग ने रोहित को अंधा बना दिया और उसने अपने दोस्त की जान लेने की खौफनाक साजिश रच डाली. इस साजिश में उसके दो साथी मुराद आलम और प्रदीप उर्फ साधू भी शामिल थे.
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने हत्या को अंजाम देने के लिए एक ठोस प्लान बनाया था. उन्होंने पहले दीपक को एक होटल में बुलाया और उसे खूब शराब पिलाई. जब दीपक नशे में धुत और लगभग बेहोशी की हालत में आ गया, तो वे उसे रेलवे ट्रैक की ओर ले गए. वहां, उन्होंने बेदर्दी की सारी हदें पार करते हुए पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद, लाश को जानबूझकर ढाला के पास फेंक दिया गया, ताकि यह मामला ट्रेन हादसे जैसा लगे और वे आसानी से पुलिस को गुमराह कर सकें.
पुलिस की तकनीकी जांच (Technical Investigation) और सख्त तफ्तीश ने रोहित और उसके दो साथियों मुराद आलम और प्रदीप उर्फ साधू की सारी चालों को नाकाम कर दिया. नरकटियागंज के एसडीपीओ जय प्रकाश सिंह ने इस खुलासे की पुष्टि करते हुए बताया कि तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. हालांकि, इस दर्दनाक वारदात में शामिल एक और साथी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश तेजी से की जा रही है.