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'मेरे दिल में एक सुकून', 1 मिनट 17 सेकंड के भावुक Video में शिखर धवन ने क्या-क्या कहा?

Shikhar Dhawan Retirement: शिखर धवन टीम इंडिया में गब्बर के नाम से मशहूर रहे. उन्होंने तीनों फॉर्मेट में भारत के लिए जलवा दिखाया. धवन ने संन्यास का ऐलान करते हुए बताया कि उनका सपना कैसे पूरा हुआ और उनके लिए इससे बड़ी कोई दूसरी बात नहीं हो सकती.

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'मेरे दिल में एक सुकून', 1 मिनट 17 सेकंड के भावुक Video में शिखर धवन ने क्या-क्या कहा?
Courtesy: Twitter

Shikhar Dhawan Retirement: टीम इंडिया के स्टार ओपनर रहे शिखर धवन ने इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया. उन्होंने एक वीडियो शेयर कर इसकी जानकारी दी. धवन ने भारत के लिए करीब 12 साल तक लगातार क्रिकेट खेला. वो पिछले 2 साल से टीम से बाहर चल रहे थे. 38 साल के इस दिग्गज ने अपने क्रिकेट सफर को याद किया. धवन ने 1 मिनट 17 सेकंड के वीडियो में अपनी पूरी भावनाएं समेटने की कोशिश की. जानिए उन्होंने इस वीडियो में क्या-क्या कहा...

शिखर धवन ने 1 मिनट 17 सेकंड के वीडियो में कहा- नमस्कार सभी को. आज एक ऐसे मोड़ पर खड़ा हूं. जहां से पीछे देखने पर केवल यादें ही नजर आती हैं, और आगे देखने पर पूरी दुनिया. मेरी हमेशा से एक ही मंज‍िल थी, इंड‍िया के ल‍िए खेलना. वो हुआ भी, इसके लिए मैं कई लोगों का शुक्रगुजार हूं, सबसे पहली मेरी फैमिली, मेरे बचपन के कोच तारक सिन्हा जी...मदन शर्मा जी, जिनके अंडर मैंने क्रिकेट सीखी.

आगे बढ़ने के लिए पन्ने पलटना जरूरी

शिखर धवन ने वीडियो में आगे कहा 'फिर मेरी एक टीम, जिसके साथ साथ मैं सालों खेला. मुझे परिवार मिला. नाम मिला और आप सबका प्यार मिला, लेकिन कहते हैं ना कहानी में आगे बढ़ने के लिए पन्ने पलटना जरूरी है. बस मैं भी ऐसे ही करने जा रहा हूं. मैं अपने इंटरनेशनल और डोमेस्टिक क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर रहा हूं.'



मेरे दिल में एक सुकून

अब जब मैं अपनी क्रिकेट जर्नी को अलविदा कह रहा हूं. तो मेरे दिल में एक सुकून है. कि मैं अपने देश के लिए बहुत खेला. मैं शुक्रगुजार हूं BCCI (बोर्ड ऑफ क्रिकेट कंट्रोल इन इंडिया) और DDCA (दिल्ली एंड डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन) का जिन्होंने मुझे मौका दिया. मैं सारे फैंस का भी शुक्रगुजार हूं, जिन्होंने मुझे इतना प्यार दिया.

आखिर में क्या बोले शिखर धवन?

वीडियो के आखिर में शिखर धवन ने कहा 'मैं बस खुद से यह कहता हूं कि भाई तूं इस बात से दुखी मत हो कि तूं अपने देश के लिए फिर नहीं खेलेगा, पर इस बात की खुशी अपने पास रख कि तूं अपने देश के लिए खेला और ये मेरे के लिए सबसे बड़ी बात है मैं खेला.'