नई दिल्ली: सीमा हो या क्रिकेट का मैदान भारत और पाकिस्तान के रिश्ते हमेशा से ही चर्चा में रहते हैं. फैंस को हमेशा ही इन चिर प्रतिद्वंद्वी के बीच मुकबले का बेसब्री से इंतजार रहता है. हालांकि दोनों टीमों के बीच खेल संबंधों को लेकर लंबे समय से संवेदनशील माहौल बना हुआ है, और अब इस पर एक बार फिर सरकार ने इसे लेकर अपना रुख साफ कर दिया है. खेल प्रेमियों के लिए यह खबर अहम है, क्योंकि इससे यह तय होता है कि दोनों देशों के खिलाड़ी किन परिस्थितियों में एक-दूसरे के खिलाफ खेलते नजर आएंगे और कब नहीं.
बुधवार को खेल मंत्रालय ने साफ किया कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल आयोजनों पर लगाया गया पूर्ण प्रतिबंध जारी रहेगा. यानी न तो भारतीय टीम पाकिस्तान जाकर कोई सीरीज खेलेगी और न ही पाकिस्तानी टीम को भारत में द्विपक्षीय मुकाबलों के लिए आमंत्रित किया जाएगा. यह निर्देश सभी राष्ट्रीय खेल संघों, भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण को जारी किया गया है.
सरकार के निर्देश के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी तरह की द्विपक्षीय प्रतियोगिता फिलहाल संभव नहीं है. इसका मतलब है कि क्रिकेट, हॉकी या अन्य खेलों में सीधे तौर पर दोनों देशों के बीच कोई भी द्विपक्षीय सीरीज आयोजित नहीं की जाएगी.
🚨 INDIAN GOVERNMENT ON ALLOWING PAKISTANI PLAYERS.🚨
- No bilateral cricket with Pakistan ❌.
- Pakistani players allowed only in multi-nation tournaments held in India 🇮🇳.
- Indian team will NOT travel to Pakistan.
- Policy guided by national interest and international… pic.twitter.com/9tfBqgHQOY— Cricket Central (@CricketCentrl) May 6, 2026Also Read
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स को लेकर सरकार का रुख अलग है. अगर कोई बहुपक्षीय प्रतियोगिता होती है, जिसमें कई देश शामिल होते हैं, तो उसमें भारत और पाकिस्तान दोनों भाग ले सकते हैं. यानी ओलंपिक, एशियन गेम्स या विश्व कप जैसे आयोजनों में दोनों टीमें आमने-सामने आ सकती हैं.
यह नीति पहली बार अगस्त 2025 में सामने आई थी, जब एशिया कप में भारत की भागीदारी को लेकर विवाद खड़ा हुआ था. उस समय सुरक्षा और राजनीतिक हालात को देखते हुए सरकार ने यह स्पष्ट किया था कि वह बहुपक्षीय आयोजनों में दखल नहीं देंगे, बशर्ते मेजबानी पाकिस्तान के पास न हो.
भारत आने वाले सालों में कई बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करना चाहता है, जैसे राष्ट्रमंडल खेल 2030 और ओलंपिक खेल 2036. ऐसे में सरकार अंतरराष्ट्रीय मानकों और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सिद्धांतों के अनुसार समावेशिता बनाए रखना चाहती है.
सरकार ने यह भी कहा है कि खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों के अधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा. साथ ही, अंतरराष्ट्रीय खेल निकायों के पदाधिकारियों को पांच साल तक के लिए मल्टीपल एंट्री वीजा देने की योजना है, ताकि भारत को एक भरोसेमंद और सुविधाजनक खेल मेजबान के रूप में स्थापित किया जा सके.