नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता हमेशा से चर्चा का केंद्र रही है. लेकिन इस बार कोलंबो में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के मुकाबले में खेल से ज्यादा खिलाड़ियों के व्यवहार पर नजर रहेगी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय टीम ने पाकिस्तान के साथ हाथ न मिलाने का फैसला किया है. कप्तान सूर्यकुमार यादव टॉस के समय औपचारिक हाथ नहीं बढ़ाएंगे. यह कड़वाहट पिछले साल की सैन्य और कूटनीतिक घटनाओं का नतीजा है. जिसने दोनों देशों के बीच खेल भावना को भी प्रभावित किया है.
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई में हुई सैन्य झड़पों और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से कूटनीतिक रिश्ते सामान्य नहीं हुए हैं. इसी तनाव का असर अब क्रिकेट की पिच पर भी साफ दिख रहा है. भारतीय टीम ने पिछली बार एशिया कप के दौरान भी हाथ मिलाने की परंपरा को नजरअंदाज किया था. बीसीसीआई और टीम प्रबंधन ने इस बार भी यथास्थिति बरकरार रखने का संकेत दिया है. जिसका मतलब है कि मैदान पर केवल मुकाबला होगा. औपचारिक शिष्टाचार की जगह नहीं होगी.
जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से हाथ मिलाने के मुद्दे पर सवाल पूछा गया. तो उन्होंने बहुत ही चतुराई से जवाब दिया. उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब न देते हुए केवल इतना कहा कि आपको 24 घंटों में सब दिख जाएगा. उन्होंने पत्रकारों से मजाकिया लहजे में कहा कि अच्छी नींद लें और कल का इंतजार करें. वहीं पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो होगा वो कल मैदान पर ही देखा जाएगा.
दोनों टीमों के बीच कड़वाहट केवल हाथ मिलाने तक सीमित नहीं है. पिछले साल एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद भारतीय टीम ने ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी. इसका कारण यह था कि ट्रॉफी पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी द्वारा दी जानी थी. नकवी ट्रॉफी अपने साथ ले गए थे और भारतीय टीम को आज भी उस ऐतिहासिक जीत की ट्रॉफी का इंतजार है. इस घटना ने दोनों क्रिकेट बोर्ड के बीच विवाद की आग में घी डालने का काम किया है.
टी-20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट से हटने की धमकी भी दी थी. पीसीबी का आरोप था कि बांग्लादेश को बाहर कर स्कॉटलैंड को शामिल करने में भारतीय बोर्ड छोटे देशों पर दबाव बना रहा है. पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का ऐलान किया था. लेकिन पिछले हफ्ते ही वे अपने फैसले से पीछे हट गए. इन तमाम प्रशासनिक खींचतान ने दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच की दूरी को और ज्यादा बढ़ा दिया है.
इस बीच पूर्व भारतीय बल्लेबाज और कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने टीम इंडिया के इस रुख की कड़ी आलोचना की है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उन्होंने हाथ न मिलाने के फैसले को बचकाना करार दिया. मांजरेकर का मानना है कि भारत जैसे महान राष्ट्र को खेल भावना का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि या तो खेल को उसकी पूरी मर्यादा के साथ खेलें या फिर बिल्कुल न खेलें. उनके इस बयान ने क्रिकेट प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है.