नई दिल्ली: वैलेंटाइन डे को आमतौर पर प्यार और रोमांस का त्योहार माना जाता है. लेकिन हाल की एक रिसर्च में चौंकाने वाली बात सामने आई है. एक साल तक रोमांटिक कपल्स पर की गई स्टडी में पाया गया कि वैलेंटाइन डे के आसपास के दो हफ्तों में ब्रेकअप की संभावना सामान्य दिनों के मुकाबले करीब ढाई गुना ज्यादा हो जाती है.
जब रिसर्च में रिश्ते की अवधि, पिछला रिलेशनशिप अनुभव और जेंडर जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया, तब यह संभावना पांच गुना तक बढ़ती नजर आई. हालांकि यह ट्रेंड हर कपल में नहीं देखा गया. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से उन्हीं रिश्तों में पाई गई जो पहले से ही संघर्ष के दौर से गुजर रहे थे. इसका मतलब साफ है कि वैलेंटाइन डे खुद किसी मजबूत रिश्ते को नहीं तोड़ता, बल्कि पहले से मौजूद असमंजस और अनिश्चितता को सामने ला देता है.
मनोविज्ञान में ऐसे मौकों को एक खास तरह का समय बिंदु माना जाता है. यह वह समय होता है जब लोग अपनी जिंदगी और रिश्तों का आकलन करने लगते हैं. जैसे नया साल, जन्मदिन या कोई खास तारीख. वैलेंटाइन डे भी ऐसा ही एक पड़ाव बन जाता है. इस दिन के करीब आते ही कई लोग खुद से सवाल पूछने लगते हैं. क्या हम सच में खुश हैं. क्या यह रिश्ता आगे बढ़ रहा है. क्या हम एक दूसरे के साथ भविष्य देख पा रहे हैं. जो सवाल पहले टाले जा रहे थे, वे अचानक गंभीर हो जाते हैं. और जब जवाब संतोषजनक नहीं मिलता, तो कई लोग रिश्ता खत्म करने का फैसला कर लेते हैं.
आज के समय में वैलेंटाइन डे सिर्फ एक दिन नहीं रह गया है. यह एक बड़ा सामाजिक और व्यावसायिक आयोजन बन चुका है. सोशल मीडिया पर रोमांटिक पोस्ट, महंगे गिफ्ट, डिनर डेट और सार्वजनिक प्यार का प्रदर्शन एक तरह का दबाव बना देते हैं. कई कपल्स को लगता है कि उन्हें इस दिन अपने रिश्ते को परफेक्ट दिखाना है. अगर रिश्ता पहले से कमजोर है, तो यह दबाव और ज्यादा महसूस होता है. ऐसे में कुछ लोग अभिनय करने के बजाय सच्चाई का सामना करना बेहतर समझते हैं.
एक नेशनल सर्वे के अनुसार लगभग 22 प्रतिशत अडल्ट्स ने माना कि उन्होंने वैलेंटाइन डे से पहले इसलिए रिश्ता खत्म किया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि उनका पार्टनर उन पर गिफ्ट या पैसे खर्च करे, जबकि वे जानते थे कि रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चलेगा.
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह ट्रेंड हर रिश्ते पर लागू नहीं होता. जो कपल्स पहले से खुश और संतुलित रिश्ते में होते हैं, उनमें इस तरह की कोई खास बढ़ोतरी नहीं देखी गई. दरअसल यह दिन उन दरारों को उजागर कर देता है जो महीनों से भीतर ही भीतर पनप रही होती हैं. वैलेंटाइन डे एक तरह से रिश्ते का आईना बन जाता है. अगर रिश्ता मजबूत है तो यह दिन उसे और खास बना देता है. लेकिन अगर रिश्ते में अनिश्चितता है, तो वही अनिश्चितता सामने आ जाती है.
वैलेंटाइन डे ब्रेकअप का कारण नहीं है. असली वजह है भावनात्मक असमंजस, अधूरे सवाल और लंबे समय से चल रहा तनाव. यह दिन सिर्फ उस सच को सामने लाने का काम करता है जिसे लोग टालते रहे होते हैं. इसलिए जरूरी है कि रिश्तों में खुलकर बात की जाए. भावनाओं को दबाने के बजाय समय रहते समझा जाए. क्योंकि किसी खास तारीख से ज्यादा अहम है आपसी भरोसा और संवाद. प्यार का जश्न तभी खूबसूरत होता है जब रिश्ते में सच्चाई और सम्मान हो. नहीं तो कोई भी खास दिन फैसले की घड़ी बन सकता है.