Benefits of eating Custard Apple: कैंसर का दुश्मन है ये फल, केवल दो महीने ही बाजार में होते हैं दर्शन, जानें इसके गजब के फायदे
Benefits of eating Custard Apple: सीताफल को बेहद पवित्र फल माना जाता है. कई मंदिरों में इसे प्रसाद और दान में चढ़ाया जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है और स्वाद इतना मीठा कि शक्कर भी इसके आगे फीकी लगती है.
Benefits of eating Custard Apple: फल हमारे सेहत के लिए वो दवा है जो हमें प्रकृति से मिलती है. जिसमें कोई मिलावट नहीं होता. भारत में मौसमी फलों की अलग ही अहमियत है. इनमें से एक है शरीफा, जिसे सीताफल के नाम से भी जाना जाता है. यह फल सालभर उपलब्ध नहीं होता बल्कि सिर्फ अक्टूबर और नवंबर के महीनों में बाजार में दिखाई देता है. स्वाद में बेहद मीठा और पोषक तत्वों से भरपूर यह फल न केवल खाने में स्वादिष्ट है बल्कि सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं.
शरीफा में विटामिन ए, बी6, जिंक, कॉपर, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनोइड्स कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद करते हैं. यही कारण है कि इसे ‘कैंसर का दुश्मन फल’ भी कहा जाता है. इसके सेवन से त्वचा, पाचन तंत्र और दिल की सेहत पर गहरा असर पड़ता है.
शरीफा और कैंसर रोकथाम
शरीफा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लेवोनोइड्स शरीर में कैंसर कोशिकाओं की बढ़ोतरी को रोकते हैं. नियमित सेवन से यह शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करता है और सूजन को भी कम करता है.
हार्ट और ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद
इस फल में पोटैशियम और मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखते हैं. साथ ही, इसमें मौजूद मैग्नीशियम दिल को कार्डिएक अटैक से बचाने में सहायक है.
वजन बढ़ाने में मददगार
अगर आपका वजन नहीं बढ़ रहा है तो सुबह-सुबह शहद के साथ शरीफा खाना बहुत लाभकारी होता है. इसमें मौजूद कॉपर और फाइबर पाचन शक्ति को बेहतर बनाते हैं और कब्ज की समस्या को दूर करते हैं.
त्वचा और बालों की सुंदरता बढ़ाए
विटामिन ए और कॉपर से भरपूर शरीफा त्वचा को हेल्दी और चमकदार बनाता है. इसके सेवन से बाल भी मजबूत और घने होते हैं.
अस्थमा के मरीजों के लिए रामबाण
शरीफा में पाया जाने वाला विटामिन बी6 ब्रोंकियल इंफ्लेमेशन को कम करता है, जिससे अस्थमा के अटैक की संभावना घट जाती है.
गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीफा खाने से भ्रूण का दिमाग और नर्वस सिस्टम विकसित होता है. इसके अलावा यह मिसकैरिज के खतरे को भी कम करता है.
पवित्र फल और धार्मिक महत्व
सीताफल को बेहद पवित्र फल माना जाता है. कई मंदिरों में इसे प्रसाद और दान में चढ़ाया जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है और स्वाद इतना मीठा कि शक्कर भी इसके आगे फीकी लगती है.
आसानी से उगने वाला पौधा
सीताफल का पेड़ 40-50 साल तक जिंदा रह सकता है और इसे घर के आसपास आसानी से लगाया जा सकता है. अक्टूबर-नवंबर में इसका फल बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.
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