ईरान की कमर तोड़ने की तैयारी! अमेरिका ने चीन की तेल रिफाइनरी समेत 40 निर्यातकों पर कसा शिकंजा

अमेरिका ने चीन की हेंगली पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी और ईरानी तेल के परिवहन में शामिल 40 कंपनियों व टैंकरों पर प्रतिबंध लगाया है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम ईरान की तेल आय रोकने के लिए उठाया गया है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: ट्रंप प्रशासन ने चीन में स्थित एक बड़ी तेल रिफाइनरी, साथ ही ईरानी तेल के परिवहन में शामिल लगभग 40 शिपिंग कंपनियों और टैंकरों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं. यह कदम रिपब्लिकन प्रशासन के उस बड़े अभियान का भी हिस्सा है, जिसका मकसद ईरान के राजस्व के मुख्य स्रोतों को पूरी तरह से काट देना है.

US ने इस महीने होर्मुज जलडमरूमध्य फारसी खाड़ी में एक महत्वपूर्ण जलमार्ग पर नाकेबंदी कर दी है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है. ये प्रतिबंध चीन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के शी जिनपिंग के बीच होने वाली एक निर्धारित बैठक से कुछ ही हफ्ते पहले लगाए गए थे.

घोषित प्रतिबंधों में क्या-क्या है शामिल?

शुक्रवार को घोषित प्रतिबंधों में अन्य लोगों के अलावा बंदरगाह शहर डालियान में स्थित हेंगली पेट्रोकेमिकल सुविधा है. लगभग 400,000 बैरल कच्चे तेल की दैनिक प्रसंस्करण क्षमता के साथ, यह चीन की सबसे बड़ी स्वतंत्र रिफाइनरियों में से एक है.

US ट्रेजरी विभाग ने क्या कहा?

US ट्रेजरी विभाग का कहना है कि हेंगली 2023 से ईरान से कच्चे तेल की खेप प्राप्त कर रही है, जिससे ईरानी सेना के लिए करोड़ों डॉलर का राजस्व पैदा हो रहा है.

यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान यानी UANI एक ऐसा संगठन जो परमाणु हथियारों से लैस ईरान का विरोध करता है. उसने फरवरी 2025 में कहा था कि हेंगली उन दर्जनों चीनी खरीदारों में से एक है जो ईरान से तेल खरीदते हैं.

ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने क्या कहा?

ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने पुष्टि की कि उनकी एजेंसी उन जहाजों, बिचौलियों और खरीदारों के नेटवर्क को बाधित करना जारी रखेगी, जिनका उपयोग ईरान अपने तेल को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए करता है.

US ट्रेजरी विभाग ने क्या दी थी धमकी?

इस महीने की शुरुआत में US ट्रेजरी विभाग ने चीन, हांगकांग, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान में वित्तीय संस्थानों को पत्र भेजकर ईरान के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी थी और इन देशों पर अपने वित्तीय संस्थानों को अवैध ईरानी गतिविधियों में मदद करने की अनुमति देने का आरोप लगाया था.