'जल्द मिलेगी अच्छी खबर', US-ईरान बातचीत पर बोले ट्रंप; तेहरान का भी आ गया जवाब

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका-ईरान बातचीत जल्द शुरू हो सकती है, लेकिन तेहरान ने अभी भाग लेने का फैसला नहीं किया. युद्धविराम जारी है पर हॉर्मुज में जहाजों पर हमले हो रहे हैं. पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है. 

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशें एक बार फिर तेज होती दिख रही हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सकारात्मक संकेत देते हुए कहा है कि अगले कुछ दिनों में नई बातचीत शुरू हो सकती है. हालांकि तेहरान अभी कोई फैसला नहीं ले पाया है. पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही कोशिशों के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बरकरार है.

ट्रंप का 'अच्छी खबर' का इशारा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका और ईरान के बीच नई बातचीत अगले 36 से 72 घंटों में शुरू हो सकती है. उन्होंने पाकिस्तान की मध्यस्थता को सकारात्मक बताया और कहा कि बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है. ट्रंप ने युद्धविराम बढ़ाने का फैसला किया है ताकि ईरान एकजुट प्रस्ताव दे सके. लेकिन तेहरान की ओर से अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है.

ईरान ने नई बातचीत पर फैसला टाला

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाए ने कहा कि नई बातचीत में भाग लेने का फैसला अभी नहीं लिया गया है. उन्होंने अमेरिका पर पुरानी बातचीत में अच्छी नीयत न दिखाने का आरोप लगाया. ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर घालिबाफ ने स्पष्ट किया कि पूर्ण युद्धविराम तभी मायने रखता है जब समुद्री नाकाबंदी हटाई जाए और हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहे.

हॉर्मुज में तनाव बरकरार, जहाज जब्त

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम नहीं हुआ है. अमेरिका ने नाकाबंदी जारी रखी है जिसे ईरान युद्ध की कार्रवाई मान रहा है. ईरान की क्रांतिकारी गार्ड ने बुधवार को दो जहाजों को जब्त कर लिया, जिसमें एक गुजरात जाने वाला कार्गो जहाज भी शामिल था. ईरान ने चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग में कोई रुकावट लाल रेखा होगी. 

युद्धविराम बढ़ाया लेकिन अनिश्चितता बनी हुई

ट्रंप ने सैन्य हमलों को रोककर युद्धविराम बढ़ा दिया है लेकिन नाकाबंदी जारी रखने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि जब तक ईरान प्रस्ताव नहीं देता, सैन्य तैयारियां बरकरार रहेंगी. पाकिस्तान के अधिकारी बातचीत की तैयारी को सकारात्मक बता रहे हैं लेकिन देरी को सेटबैक मान रहे हैं. दोनों पक्षों के बयान अभी भी विरोधाभासी हैं. 

पाकिस्तान की मध्यस्थता जारी

पाकिस्तान दोनों देशों के बीच पुल का काम कर रहा है. हाल की बैठकें सकारात्मक रही हैं लेकिन कोई निश्चित तारीख तय नहीं हुई है. क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और जहाजों पर हमलों से वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है. फिलहाल युद्धविराम टिका हुआ है लेकिन बातचीत शुरू होने की उम्मीद अभी अनिश्चित बनी हुई है.