भीषण गर्मी में शरीर चुपके से पानी खो रहा है, इन 7 संकेतों को नजरअंदाज न करें; वरना खतरा हो सकता है
भीषण गर्मी में डिहाइड्रेशन एक आम लेकिन खतरनाक समस्या बन गई है. प्यास न लगना, थकान, गहरे रंग का पेशाब, सूखी त्वचा और चक्कर जैसे लक्षण शरीर में पानी की कमी बताते हैं.
नई दिल्ली: देशभर में इस बार गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. तापमान 42-45 डिग्री तक पहुंच रहा है, जिससे शरीर से पसीने के रूप में तेजी से पानी निकल रहा है. कई लोग बिना कुछ महसूस किए ही डिहाइड्रेशन की चपेट में आ जाते हैं. पानी की कमी शरीर के कई अंगों पर असर डालती है और अगर अनदेखा किया जाए तो हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है.
डिहाइड्रेशन
डिहाइड्रेशन को समय पर पहचानना बहुत जरूरी है. प्यास लगना इसका आखिरी संकेत होता है. इससे पहले कई अन्य लक्षण दिखते हैं, जिन्हें जानकर आप खुद को और अपने परिवार को बचा सकते हैं. गर्मी के इस मौसम में हर व्यक्ति को इन संकेतों के बारे में जानना चाहिए.
प्यास और मुंह का सूखापन
सबसे आम लक्षण है लगातार प्यास लगना और मुंह सूखना. जिसे आप बहुत ही आसानी से पहचान सकते हैं. लार चिपचिपी महसूस होना भी पानी की कमी का संकेत है. अगर आप घंटों में कई बार पानी पी रहे हैं फिर भी राहत नहीं मिल रही तो समझें शरीर डिहाइड्रेट हो रहा है.
गहरे रंग का पेशाब
स्वस्थ व्यक्ति का पेशाब हल्का पीला होता है. अगर यह गहरा पीला या नारंगी हो गया है तो यह शरीर में पानी कम होने का स्पष्ट संकेत है. कम बार पेशाब आना भी चिंता की बात है.
थकान और चक्कर आना
बिना किसी काम किए थकान महसूस होना, सिर चकराना या कमजोरी आना डिहाइड्रेशन के प्रमुख लक्षण हैं. गर्मी में शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए पानी की जरूरत बढ़ जाती है.
सूखी त्वचा और होंठ
त्वचा का सूखा और बेजान होना, होंठ फटना भी पानी की कमी दिखाता है. पसीना कम आना या बिल्कुल बंद हो जाना गंभीर संकेत है.
सिरदर्द और भ्रम
बार-बार सिरदर्द, चिड़चिड़ापन या भ्रम जैसी स्थिति बनना डिहाइड्रेशन का खतरे का संकेत हो सकता है. ऐसे में तुरंत पानी पीएं और छायादार जगह पर आराम करें.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.