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India Daily

पाक सीजफायर पर मोदी के रुख से नाराज ट्रंप का भारत दौरा रद्द, क्वाड समिट में नहीं होंगे शामिल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए भारत की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी है. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ट्रंप के बीच भारत-पाक तनाव और नोबेल पुरस्कार को लेकर हुए मतभेदों ने रिश्तों में दरार डाल दी है. ट्रंप ने न सिर्फ तनाव खत्म कराने का श्रेय खुद को दिया, बल्कि भारत पर अतिरिक्त टैरिफ भी लगाए, जिससे दोनों देशों के संबंध और बिगड़ गए.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पाक सीजफायर पर मोदी के रुख से नाराज ट्रंप का भारत दौरा रद्द, क्वाड समिट में नहीं होंगे शामिल
Courtesy: web

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल नवंबर में नई दिल्ली में होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत नहीं आएंगे. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया है कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल के महीनों में कई मुद्दों पर तनाव गहराया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत-पाक तनाव और नोबेल पुरस्कार को लेकर हुए विवादों ने दोनों नेताओं के रिश्तों को झकझोर दिया है.

मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मई में भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले सैन्य तनाव के बाद दरार की शुरुआत हुई. ट्रंप ने बार-बार दावा किया कि उन्होंने इस तनाव को खत्म कराने में बड़ी भूमिका निभाई, जबकि भारत ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया. यही नहीं, जून में जी7 शिखर सम्मेलन से लौटते वक्त हुई 35 मिनट की फोन कॉल में ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित कर रहा है और इशारों-इशारों में मोदी से समर्थन मांगा. इस पर मोदी ने सख्त नाराजगी जताई और साफ किया कि भारत-पाक तनाव सुलझाने में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी.

नोबेल विवाद और अमेरिकी दावे

भारत ने साफ कर दिया कि पाकिस्तान और भारत के बीच सीजफायर मौजूदा सैन्य चैनलों के जरिए हुआ था और इसकी पहल पाकिस्तान की तरफ से की गई थी. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने भी एक वीडियो संदेश में स्पष्ट किया कि मोदी ने ट्रंप को यह कह दिया था कि भारत कभी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा. इसके बावजूद ट्रंप ने बार-बार सार्वजनिक मंचों पर दावा किया कि उनकी मध्यस्थता से ही तनाव खत्म हुआ. इस लगातार दोहराए गए दावे ने मोदी का धैर्य तोड़ दिया.

टैरिफ विवाद और बढ़ती खाई

रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने न केवल बार-बार दावे किए बल्कि भारत पर रूस से तेल खरीदने के कारण 25% अतिरिक्त टैरिफ भी लगा दिए. अमेरिकी रणनीतिक मामलों के जानकार रिचर्ड रॉसो ने कहा कि यह कदम केवल रूस को निशाना बनाने के लिए नहीं था, बल्कि इसमें भारत को खास तौर पर टारगेट किया गया. इस टैरिफ से दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव और बढ़ गया.

भारत की चुप्पी और आगे का रास्ता

ट्रंप की ओर से कई बार बातचीत की कोशिश के बावजूद मोदी ने कोई जवाब नहीं दिया. व्हाइट हाउस ने भी 17 जून की फोन कॉल को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया. फिलहाल भारत की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है. क्वाड सम्मेलन में भारत अब भी जापान और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं की मेजबानी करने की तैयारी में जुटा है. हालांकि, ट्रंप के दौरे के रद्द होने से सम्मेलन के स्वरूप और संदेश पर असर पड़ना तय माना जा रहा है.