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Video: ट्यूब की नाव और एक सूटकेस..., पानी के रास्ते भागे सीरिया के खुफिया प्रमुख अली मामलूक, बच गई जान!

सीरिया से असद के भागने के बाद अब खुफिया प्रमुख और सुरक्षा सलाहकार के भागने का मामला सामने आया है. सुरक्षा सलाहकार ने भागने के लिए पानी का रास्ता चुना और एक रबर की नाव से निकल गए.

Kamal Kumar Mishra
Video: ट्यूब की नाव और एक सूटकेस..., पानी के रास्ते भागे सीरिया के खुफिया प्रमुख अली मामलूक, बच गई जान!
Courtesy: x

Syria: सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के सुरक्षा सलाहकार और खुफिया प्रमुख अली मामलूक के नाटकीय तरीके से भागने का वीडियो सामने आया है. मामलूक ने अपनी जान बचाने के लिए एक साधारण रबर बोट, एक सूटकेस और एक योजनाबद्ध रास्ते का सहारा लिया, जो एक फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं था.

मामलूक, जो वर्षों से सीरिया के सबसे शक्तिशाली और प्रभावशाली अधिकारियों में से एक माने जाते थे. उन्होंने सीरिया की राजधानी दमिश्क से भागने के लिए यह खतरनाक रास्ता अपनाया. यह घटनाक्रम सीरिया में असद शासन के लिए एक बड़ी चुनौती और गुप्तचर एजेंसियों के लिए एक गंभीर झटका माना जा रहा है. जो अधिकारी कुछ दिनों पहले देश पर राज कर रहे थे, उनको अब भागने के लिए जगह नहीं मिल रही है. ट्यूब की नाव से भागने का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

सीरिया की एजेंसियों पर खतरा

इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संदेह है कि मामलूक की भागने की योजना से पहले ही सीरिया में खुफिया एजेंटों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच कोई बड़ा संकट उत्पन्न हो गया था. एक रबर बोट के माध्यम से सीरिया की सीमाओं को पार करने की योजना ने कई सवाल खड़े किए हैं, खासकर यह कि मामलूक को इस भागने में किसका समर्थन प्राप्त था. 

विशेषज्ञों ने क्या कहा?

इस घटना के बाद, सीरिया में सुरक्षा स्थिति और गुप्तचर विभाग के भीतर अंदरूनी संकटों की संभावना को लेकर कई कयास लगाए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि मामलूक की भागने की घटना केवल व्यक्तिगत नाखुशी या सुरक्षा खतरे का परिणाम नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक और आंतरिक विद्रोह के संकेत भी हो सकते हैं.

रूस की शरण में असद

सीरिया में इस समय उथल-पुथल और अस्थिरता की स्थिति है. मामलूक का भागना इस पूरे संकट को और बढ़ा सकता है, जो सीरिया और उसके आस-पास के क्षेत्रों में राजनीतिक और सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकता है. असद पहले ही रूस की शरण में हैं.