नई दिल्ली: अमेरिका के टेक्सास राज्य में स्थित एल पासो अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर बुधवार सुबह हालात अचानक बदल गए. संघीय उड्डयन प्रशासन ने कुछ घंटे पहले ही सुरक्षा कारणों से 10 दिनों के लिए हवाई क्षेत्र बंद करने की घोषणा की थी, जिससे यात्रियों और स्थानीय प्रशासन में चिंता बढ़ गई थी. लेकिन परिवहन मंत्री सीन डफी ने बताया कि संभावित ड्रोन खतरे को निष्क्रिय कर दिया गया है और अब वाणिज्यिक उड़ानों के लिए कोई जोखिम नहीं है.
परिवहन मंत्री सीन डफी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि एक कथित कार्टेल ड्रोन की घुसपैठ को लेकर कार्रवाई की गई. रक्षा विभाग और एफएए ने तुरंत कदम उठाए और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब क्षेत्र में वाणिज्यिक उड़ानों के लिए कोई खतरा नहीं है.
एफएए ने पहले 'विशेष सुरक्षा कारणों' से हवाई क्षेत्र को 10 दिनों तक बंद रखने का फैसला किया था. इस निर्णय से सभी आगमन और प्रस्थान प्रभावित होने वाले थे. एयरपोर्ट प्रशासन ने इंस्टाग्राम पर बताया था कि यह पाबंदी वाणिज्यिक, कार्गो और सामान्य विमानन सेवाओं पर लागू होगी.
एल पासो की सांसद वेरोनिका एस्कोबार ने इस फैसले को अभूतपूर्व बताया. उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय, शहर प्रशासन और एयरपोर्ट अधिकारियों को पहले से कोई सूचना नहीं दी गई. उनके मुताबिक, समुदाय में इस कदम को लेकर भारी चिंता थी.
करीब सात लाख की आबादी वाला एल पासो, मैक्सिको के स्यूदाद जुआरेज के साथ व्यापार का प्रमुख केंद्र है. हालांकि, बंदी केवल अमेरिकी हवाई क्षेत्र तक सीमित थी और मैक्सिको के हिस्से को प्रभावित नहीं किया गया. बुधवार सुबह एफएए ने घोषणा करते हुए बताया कि अस्थायी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं. उड़ानें सामान्य रूप से फिर शुरू हो गईं। यात्रियों को अपनी एयरलाइंस से अद्यतन जानकारी लेने की सलाह दी गई है.
एल पासो एयरपोर्ट खुद को पश्चिम टेक्सास, दक्षिणी न्यू मैक्सिको और उत्तरी मैक्सिको के लिए एक अहम प्रवेश द्वार के रूप में प्रस्तुत करता है. इस एयरपोर्ट से कई बड़ी एयरलाइंस अपनी उड़ानें संचालित करती हैं, जिनमें साउथवेस्ट, यूनाइटेड, अमेरिकन और डेल्टा एयरलाइंस शामिल हैं. यह एयरपोर्ट इन इलाकों में यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है.