World First Women Hijacker Leila khaled: आप अपनी पहली हवाई यात्रा करने के लिए बेहद उत्साहित हैं. आप जहाज में बैठ गए. प्लेन टेक ऑफ हुआ और बादलों को चीरते हुए आसमां की ऊंचाइयों में गोता लगाने लगा. आप हवाई जहाज में बैठे-बैठे- 'आज मैं ऊपर आसमां नीचे...' गाना गा रहे हैं. गाना गाते हुए आप मस्ती से झूम भी रहे हैं. आपकी आंखे बंद हैं. आपकी सीट के बगल में बैठा यात्री आपको देखकर हंस रहा है. तभी आपके कनपटी पर कोई बंदूक सटा देता है. आपको कुछ समझ नहीं आता और आप हक्के बक्के रह जाते हैं. तब तक प्लेन में बैठे कुछ अनुभवी यात्री ये समझ चुके होते हैं कि प्लेन को हाईजैक कर लिया गया है. हाईजैक नाम सुनते ही लोगों की रूह कांप जाती है. दुनिया में रूह कपां देने वाली सैकड़ों हाईजैकिंग को चरमपंथियों, आतंकवादियों, आंदोलनकारियों द्वारा अंजाम दिया जा चुका है. अधिकतर मौके पर प्लेन को हाईजैक करने का जिम्मा पुरुष ही उठाते है लेकिन कई ऐसे मौके भी आए जब महिलाओं ने इस जुर्म को अंजाम दिया. आज कहानी उस महिला हाईजैकर की, जिसे दुनिया पहली महिला हाईजैकर के रूप में जानती है. इस महिला ने इजरायल को घुटने पर लाने के लिए हाईजैकिंग को अंजाम दिया था. आइए शुरू से शुरू करते हैं ये कहानी.
तारीख 29 अगस्त, साल 1969 और दिन था गुरुवार का. 25 साल की एक युवती जो सफेद सूट और सन हैट पहने धूप का चश्मा लगाए इटली की राजधानी रोम के हवाई अड्डे पर TWA 840 फ्लाइट के इंतजार में बैठी थी.
वो किसी तरह एयरपोर्ट सिक्योरिटी को झांसा देकर अपने साथ 1 पिस्टल और 2 ग्रेनेड लाने में कामयाब हुई थी. इसी को बात को लेकर वह बहुत ही घबराहट में थी.
एयरपोर्ट पर उस युवती का एक साथी भी बैठा था, जिसका नाम सलीम इसावी था. फ्लाइट के इंतजार में बैठे दोनों एक दूसरे के लिए एयरपोर्ट पर अनजान थे. दोनों ये नहीं जाहिर करना चाह रहे थे कि वो एक दूसरे को जानते हैं. सलीम इसावी नाम का वो शख्स पॉपुलर फ्रंट फॉर लिबरेशन ऑफ फिलिस्तीन के चे ग्वारा कमांडो यूनिट का एक महत्वपूर्ण सदस्य था.
फर्स्ट क्लास में टिकट
25 साल की इस नौजवान युवती का नाम लैला खालिद था. 29 अगस्त 1969 के बाद इस नाम की पूरी दुनिया में चर्चा होने वाली थी. चर्चा इस कदर की लाखों की संख्या में लोग इस युवती के फॉलोअर्स भी बनने वाले थे.
लैला और सलीम दोनों की सीटें फर्स्ट क्लास में बुक थी. सभी यात्री विमान में बैठते हैं. विमान इटली की राजधानी रोम से इजरायल की राजधानी तेल अवीव के लिए उड़ान भरता है.
प्लेन के अंदर का किस्सा
इसी विमान में लैला के बगल एक ग्रीक अमेरिकी शख्स भी बैठा था, जो अपनी मां से मिलने ग्रीक जा रहा था. उसने ये बात जब लैला को बताई तो लैला इस बात का जिक्र करते हुए अपनी आत्मकथा 'माई पीपल शैल लिव' में लिखती हैं- मेरे मन में एक बार आया कि मैं उस शख्स से कह दूं कि अगर उसे अपनी मां से मिलने जाना है तो दूसरी फ्लाइट पकड़ लें लेकिन फिर मैंने खुद को ये कहने से रोक लिया.
विमान हवा में उड़ रहा था लैला खालिद का साथी सलीम विमान के कॉकपिट की ओर गया. उसके पीछे-पीछे लैला भी गई. तभी लैला की पिस्टल नीचे गिर गई. पिस्टल देखकर एयरहोस्टेज के हाथ से खाने वाली ट्रे नीचे गिर गई और वो तेजी से चिल्ला पड़ी.
सीरिया के दमिश्क में प्लेन की लैंडिंग
फ्लाइट में बैठे यात्रियों में खौफ साफ दिख रहा था. तभी लैला और सलीम ने यात्रियों को ये आदेश दिया कि जितने भी यात्री फर्स्ट क्लास में बैठे हैं वो इकॉनमी क्लास में शिफ्ट हो जाएं.
इस वक्त तक सबको खबर हो गई थी कि विमान हाईजैक हो गया है. लैला खालिद ने विमान के पायलट को आदेश दिया कि वो विमान को सीरिया के दमिश्क ले चले. पहले तो पायलट ने इंकार किया लेकिन जब लैला ने उसे ग्रेनेड से पूरे प्लेन को उड़ाने की धमकी दी तो पायलट को मजबूरन प्लेन की दिशा को बदलकर सीरिया के दमिश्क की ओर मोड़ना पड़ा.
बन गई पोस्टर गर्ल
ये खबर पूरी दुनिया में आग की तरह फैल गई. इजरायल के विमान को हाईजैक करने वाली महिला लैला खालिद पूरी दुनिया में मशहूर हो गई. इजरायल से फिलिस्तीन की आजादी की मांग कर रहे चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट फॉर लिबरेशन ऑफ फिलिस्तीन की लैला खालिद पोस्टर गर्ल बन चुकी थी.
लैला खालिद ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में बताया था कि उनका मकसद किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं बल्कि फिलिस्तीन की ओर पूरी दुनिया का ध्यान खींचना था. वो अपने देश को इजरायल से आजाद कराना चाहती थीं.
दमिश्क हवाई अड्डे पर विमान लैंड होता है. विमान में विस्फोटक पदार्थ लगाए जाते हैं और उसे उड़ा दिया जाता है. विमान को बम से उड़ाकर PFLP ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा. ये बहुत हद तक कारगर भी रहा.
तैनात रहता है सिक्योरिटी का घेरा
हाईजैकिंग को अंजाम देने वाली लैला खालिद को पॉपुलर फ्रंट फॉर लिबरेशन ऑफ फिलिस्तीन अरब देशों के दौरे पर भेजने लगा. लैला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दूसरे देशों से संबंध स्थापित कर फिलिस्तीन को मुक्त कराने के दूसरे देशों की यात्रा करने लगीं. उन्हें इजरायली आर्मी भूखे शेर की तरह तलाश रही थी. लेकिन 1969 के बाद उनकी सुरक्षा में PFLP ने सिक्योरिटी का घेरा तैनात कर दिया था.
प्लास्टिक सर्जरी कराकर विमान हाईजैक की कोशिश
इजरायली विमान को हाईजैक करने के बाद लैला खालिद ने अपने चेहरे की प्लास्टिक सर्जरी कराई. ताकि वो दूसरे विमान को हाईजैक कर सके और उसे कोई पहचान न पाए.
1970 में इजरायली विमान को हाईजैक करने के लिए लैला एक बार फिर से तैयार थी. इस बार उनका साथ अमेरिका में पैदा हुए पैट्रिक आरग्यूलो दे रहे थे.
6 सितंबर 1970 को दोनों नीदरलैंड की राजधानी एम्सटर्डम से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरने वाले इजरायली एयरलाइंस के विमान ELAI 219 के बोइंग 707 में बैठे.
इस विमान में हथियार बंद सुरक्षा गार्ड भी मौजूद थे. विमान को हाईजैक करने में लैला और पैट्रिक आरग्यूलो की 2 अन्य साथी मदद करने वाले थे लेकिन उन्हें विमान में सीट नहीं मिली.
साथी की मौत, लैला को जेल
विमान को हाईजैक करने के लिए पैट्रिक आरग्यूलो कॉकपिट की ओर दौड़ा लेकिन पायलट ने दरवाजा बंद कर लिया था. तभी लैला ने अपनी ब्रा में रखे दोनों ग्रेनेड को बाहर निकाल लिया. इतने में विमान में सवार सुरक्षा गार्डों ने लैला के साथ पैट्रिक पर गोलियां बरसा दी.
लैला खालिद विमान के फर्श पर गिर चुकी थी. विमान में बैठे यात्रियों और सुरक्षा गार्डों ने उनकी हड्डी पसली एक कर दी थी. लैला के साथी पैट्रिक आरग्यूलो की मौत हो चुकी थी. लैला को सीट बेल्ट से बांध दिया गया था.
24 दिन के अंदर ब्रिटेन के जेल से रिहा हुई लैला
पायलट ने लंदन में आपात लैंडिंग कराई. लैला को लंदन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उनके साथ जेल में अच्छा व्यवहार किया गया. उधर लैल का छुडा़ने के लिए स्विस एयर, TWA, PANAM और ब्रिटिश एयर के हाईजैक कर लिया गया अपने नागरिकों को बचाने के लिए ब्रिटिश सरकार ने लैला खालिद को 24 दिनों बाद जेल से रिहा कर दिया.
अभी कहां है लैला खालिद?
9 अप्रैल 1944 को फिलिस्तीन में जन्मी लैला 80 साल की हो चुकी है. उन्होंने फिजिशियन फैज राशिद से शादी की. वर्तमान समय में अपने दो बच्चों बदर और बशर के साध जॉर्डन के अमान में रह रही हैं.
लैला खालिद को दुनिया की पहली महिला हाईजैकर का दर्जा दिया जाता है. हालांकि, 1969 में उनके द्वारा हाईजैक किए गए विमान से पहले 1966 में एक विमान को हाईजैक किया गया था. माना जाता है कि उस विमान की हाईजैकर महिला ही थी.
तो ये थी लैला खालिद की कहानी. इसी तरह की इंटरेस्टिंग स्टोरीज के लिए पढ़ते रहें THE INDIA DAILY LIVE.