Russian airline goes missing: रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में एक दुखद हादसे ने दुनिया का ध्यान खींचा है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, 50 यात्रियों को लेकर जा रहा एक रूसी यात्री विमान अमूर क्षेत्र के टिंडा शहर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में किसी के भी जीवित बचने की संभावना नहीं है. यह हादसा उस समय हुआ जब विमान अपने गंतव्य के निकट पहुंच रहा था और अचानक रडार से गायब हो गया.
रिपोर्ट्स के अनुसार, अंगारा एयरलाइंस द्वारा संचालित एएन-24 विमान उड़ान के दौरान हवाई यातायात नियंत्रकों के संपर्क से बाहर हो गया. कुछ ही मिनटों बाद, बचावकर्मियों को जलते हुए विमान के धड़ के कुछ हिस्से मिले. रूसी समाचार एजेंसी इंटरफैक्स ने बताया कि टिंडा हवाई अड्डे पर उतरने का प्रारंभिक प्रयास विफल होने के बाद, विमान दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास कर रहा था, तभी यह रडार से गायब हो गया.
#BREAKING Russian rescuers have found the fuselage of an Antonov-24 passenger plane that disappeared from radar earlier in Russia's far east, the emergencies ministry says pic.twitter.com/zoniruOyeD
— AFP News Agency (@AFP) July 24, 2025
यात्रियों और चालक दल की जानकारी
क्षेत्रीय गवर्नर वसीली ओरलोव ने इस हादसे पर दुख जताते हुए बताया कि प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, विमान में 43 यात्री और 6 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल थे. उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा, "विमान की तलाश के लिए सभी आवश्यक बल और संसाधन तैनात कर दिए गए हैं." हालांकि, रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने थोड़ा अलग अनुमान देते हुए कहा कि विमान में करीब 40 लोग सवार थे.तलाश और बचाव अभियानस्थानीय आपातकालीन मंत्रालय ने तत्काल कार्रवाई शुरू करते हुए बचाव अभियान को तेज कर दिया है. दुर्गम इलाकों और जटिल मौसम की स्थिति के बावजूद, बचाव दल विमान के मलबे और संभावित सुराग की तलाश में जुटे हैं. इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जो मॉस्को से लगभग 6,600 किलोमीटर पूर्व में है, बचाव कार्य को और चुनौतीपूर्ण बना रही है.
क्षेत्र में पहले भी हुई दुर्घटना
यह पहली बार नहीं है जब अमूर क्षेत्र में इस तरह का हादसा हुआ है. पिछले साल सितंबर में, एक रॉबिन्सन R66 हेलीकॉप्टर, जिसमें तीन लोग सवार थे, एक अपंजीकृत उड़ान के दौरान लापता हो गया था. इस तरह के हादसों ने क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.