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India Daily

पाकिस्तानी सेना ने पार की बर्बरता की हदें, इमरान खान के समर्थक को 25 फुट ऊंचे कंटेनर से दिया धक्का, रूह कंपा देगा Video

प्रदर्शन के कुचलने के लिए पुलिस ने काफी बर्बर तरीके अपनाए. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कहा कि वह व्यक्ति एक कंटेनर के ऊपर नमाज कर रहा था, जब सशस्त्र अधिकारी उसके पास आए और उसे तीन मंजिलों के बराबर ऊंचाई से बेरहमी से धक्का दिया.

Gyanendra Sharma
पाकिस्तानी सेना ने पार की बर्बरता की हदें, इमरान खान के समर्थक को 25 फुट ऊंचे कंटेनर से दिया धक्का, रूह कंपा देगा Video
Courtesy: Social Media

पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान की रिहाई को लेकर उनके समर्थकों ने देशभर में प्रदर्शन किया. तहरीक-ए-इंसाफ ने कई शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शन किया. इमरान खान के समर्थकों ने काफी उपद्रव मचाया. इस बीच एक वीडियो सामने आया है. जिसमें पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने एक व्यक्ति को प्रदर्शन के दौरान शिपिंग कंटेनरों के उपर से धक्का दिया. 

यह घटना मंगलवार को हुई जब पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के हजारों समर्थक जेल से उनकी रिहाई की मांग करने के लिए इस्लामाबाद में एकत्र हुए. प्रदर्शन के कुचलने के लिए पुलिस ने काफी बर्बर तरीके अपनाए. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कहा कि वह व्यक्ति एक कंटेनर के ऊपर नमाज कर रहा था, जब सशस्त्र अधिकारी उसके पास आए और "उसे तीन मंजिलों के बराबर ऊंचाई से बेरहमी से धक्का दिया. 

25 फुट ऊंचे शिपिंग कंटेनर से दिया धक्का

क्लिप में एक व्यक्ति को 25 फुट ऊंचे शिपिंग कंटेनरों के टॉवर के ऊपर नमाज करते हुए दिखाया गया है, पुलिस के जवान वहां पहुंचे और इस धक्का देकर वहां से गिरा दिया.  इस बीच, पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शनों की भरमार रही. विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई झड़पों में कम से कम छह लोग मारे गए. 

600 प्रदर्शनकारी गिरफ्तार

बुधवार को इस्लामाबाद में पुलिस ने यह भी कहा कि मंगलवार के ऑपरेशन के बाद 600 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तर किया गया था, जिससे विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से कुल 1,000 से ज़्यादा लोग गिरफ़्तार हो गए. रविवार को इमरान खान की पार्टी ने जेल में बंद नेता की रिहाई की मांग करते हुए इस्लामाबाद की ओर मार्च निकाला. 

बुधवार को पीटीआई ने कहा कि सरकार की क्रूरता के कारण विरोध प्रदर्शन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है. इसने कहा कि पाकिस्तान सरकार के बलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसक हमला किया और जितने संभव हो सके उतने लोगों को मारने के इरादे से गोलियां चलाईं.