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Kim Jong Un Bulletproof Train: तानाशाह किम जोंग बुलेटप्रूफ ट्रेन से पहुंचे चीन, जानें विमान की जगह क्यों इससे करते हैं यात्रा

दुनिया के तानाशाहों में गिने जाने वाले उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन चीन की यात्रा पर पहुंच गए हैं. उनकी इस यात्रा पर पूरी देश की नजरें हैं. चीन के 'विक्ट्री डे' पर भले ही वो हिस्सा लेने के लिए आए हैं, लेकिन पूरी दुनिया में जिस तरह टैरिफ और कई देशों के संघर्ष चरम पर हैं.

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Garima Singh

North Korea Bulletproof Train: दुनिया के तानाशाहों में गिने जाने वाले उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन चीन की यात्रा पर पहुंच गए हैं. उनकी इस यात्रा पर पूरी देश की नजरें हैं. चीन के 'विक्ट्री डे' पर भले ही वो हिस्सा लेने के लिए आए हैं, लेकिन पूरी दुनिया में जिस तरह टैरिफ और कई देशों के संघर्ष चरम पर हैं. ऐसे में उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ होने वाली मुलाकात पर पूरे देश की नजरें हैं. 

किम जोंग की बात करें तो वो चीन एक प्राइवेट ट्रेन से पहुंचे हैं. वह काफी कम विदेश यात्राएं करते हैं. साल 2023 में उन्होंने रुस की यात्रा की थी. इस यात्रा में उनकी और पुतिन की मुलाकात ने पूरी दुनिया में सुर्खियां बंटोरी थी. वहीं साल 2019 के बाद उनकी ये पहली चीन यात्रा हैं. बीजिंग में किम के  शी और पुतिन के साथ सैन्य परेड देखने की उम्मीद हैं, जो सेकेंड विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित की जा रही है.

क्यों नहीं करते हवाई सफर?

किम जोंग-उन अपनी बुलेटप्रूफ ट्रेन से चीन की यात्रा कर रहे हैं, जो उत्तर कोरियाई नेताओं के लिए परंपरागत परिवहन का साधन रही है. यह ट्रेन न केवल सुरक्षित है, बल्कि उत्तर कोरिया की प्रमुख एयरलाइन की तुलना में कहीं अधिक शानदार है. किम ने 2019 में वियतनाम और 2023 में रूस की यात्रा भी इसी ट्रेन से की थी.  

किम जोंग-उन ने रूस से बढ़ाई दोस्ती 

बीजिंग लंबे समय से उत्तर कोरिया का प्रमुख समर्थक रहा है, जिसने आर्थिक सहायता प्रदान कर इस देश को वैश्विक प्रतिबंधों के बावजूद जीवित रखा है. हाल के वर्षों में, किम जोंग-उन ने रूस के साथ भी अपनी दोस्ती बढ़ाई है. अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों का दावा है कि प्योंगयांग ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में हथियार और सैनिक उपलब्ध कराए हैं. किम की चीन यात्रा, जहां वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात करेंगे, इन तीनों नेताओं के बीच बढ़ते गठजोड़ को दर्शाती है. यह यात्रा अमेरिका के नेतृत्व वाले वैश्विक मानदंडों को चुनौती देने की उनकी साझा मंशा को भी उजागर करती है.  

किम की कूटनीतिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई

किम जोंग-उन के लिए यह यात्रा उत्तर कोरिया की कूटनीतिक साख को मजबूत करने का मौका है. “यह यात्रा उत्तर कोरिया को विश्व के शक्तिशाली नेताओं के समकक्ष खड़ा करती है. जून 2019 के बाद किम और शी की यह पहली आमने-सामने मुलाकात होगी, जब शी ने प्योंगयांग का दौरा किया था और कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण की वकालत की थी. इससे पहले, किम ने 2018-19 में चार बार बीजिंग का दौरा कर अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ संबंध सुधारने के लिए चीन का समर्थन मांगा था.