'धार्मिक रूप से असहिष्णु देश नहीं', नाइजीरिया ने डोनाल्ड ट्रंप के दावे को किया खारिज किया

राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने नाइजीरिया को धार्मिक असहिष्णुता देश बताया था.

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Gyanendra Sharma

नई दिल्ली:  नाइजीरिया ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड को करारा जवाब दिया है. राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने नाइजीरिया को धार्मिक असहिष्णुता देश बताया था.  राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने कहा कि यह चित्रण नाइजीरिया की वास्तविकता को नहीं दर्शाता है, और उन्होंने सभी नागरिकों के लिए आस्था की स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी पर ज़ोर दिया .

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध विभाग को अफ्रीका के सबसे अधिक आबादी वाले देश में "इस्लामी आतंकवादियों" द्वारा ईसाइयों पर हमलों को लेकर संभावित सैन्य हस्तक्षेप की तैयारी करने का निर्देश दिया  राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने एक बयान में कहा, नाइजीरिया को धार्मिक रूप से असहिष्णु बताना हमारी राष्ट्रीय वास्तविकता को नहीं दर्शाता है, न ही यह सभी नाइजीरियाई लोगों की आस्था की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सरकार के निरंतर और ईमानदार प्रयासों को ध्यान में रखता है.

नाइजीरिया में ईसाई धर्म अस्तित्व के लिए खतरे में?

उन्होंने आगे कहा कि नाइजीरिया एक ऐसा देश है जहां सभी धर्मों के नागरिकों की सुरक्षा की संवैधानिक गारंटी है. बयान के अनुसार, "हमारा प्रशासन सभी धर्मों के समुदायों की सुरक्षा पर समझ और सहयोग को गहरा करने के लिए अमेरिकी सरकार और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह प्रतिक्रिया शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप द्वारा यह दावा किए जाने के बाद आई है कि नाइजीरिया में ईसाई धर्म अस्तित्व के लिए खतरे में है और उन्होंने आरोप लगाया कि "कट्टरपंथी इस्लामवादी इस सामूहिक नरसंहार के लिए ज़िम्मेदार हैं .

राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू ने कहा, अगर नाइजीरियाई सरकार ईसाइयों की हत्या जारी रखती है, तो अमेरिका तुरंत नाइजीरिया को दी जाने वाली सभी सहायता रोक देगा, और हो सकता है कि वह उस बदनाम देश में 'बंदूकें तानकर' जाकर उन इस्लामी आतंकवादियों का पूरी तरह से सफ़ाया कर दे जो ये भयानक अत्याचार कर रहे हैं.

बोको हराम मचा रहा हिंसा

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर लिखा, लगभग 22 करोड़ की आबादी वाला नाइजीरिया जो दुनिया में छठा सबसे बड़ा है ईसाइयों और मुसलमानों के बीच लगभग बराबर-बराबर बंटा हुआ है. देश लंबे समय से कई मोर्चों पर असुरक्षा से जूझ रहा है, जिसमें चरमपंथी समूह बोको हराम द्वारा की गई हिंसा भी शामिल है, जो इस्लामी कानून की अपनी कट्टरपंथी व्याख्या को लागू करना चाहता है और उसने ईसाइयों और मुसलमानों, दोनों को निशाना बनाया है.