क्या है डेलाइट सेविंग टाइम? आज US के लोग 1 घंटे पीछे करेंगे घड़ी
Princy Sharma
02 Nov 2025
US और कनाडा
हर साल नवंबर की शुरुआत में अमेरिका और कनाडा में एक दिलचस्प बदलाव होता है लोग अपनी घड़ियां एक घंटा पीछे कर देते हैं. इसे कहते हैं डेलाइट सेविंग टाइम.
क्या है डेलाइट सेविंग टाइम?
डेलाइट सेविंग टाइमका मतलब है दिन की रोशनी को 'सेव' करना यानी उसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना.
कब बदलती है घड़ी?
साल में दो बार घड़ियों का समय बदला जाता है. मार्च में घड़ी 1 घंटा आगे की जाती है. नवंबर में घड़ी 1 घंटा पीछे कर दी जाती है (यानी सामान्य समय पर वापस).
क्या है मकसद?
दो बार घड़ियों का समय बदलने का मकसद है सूरज की रोशनी का अधिकतम उपयोग, बिजली की बचत और कार्यक्षमता बढ़ाना.
क्यों है कारण?
गर्मियों में सूरज जल्दी उगता और देर से डूबता है यानी दिन लंबे होते हैं. सुबह जब सूरज निकल जाता है, तब भी बहुत से लोग सो रहे होते हैं, जिससे रोशनी बेकार चली जाती है.
क्या होगा फायदा?
अगर घड़ी को 1 घंटा आगे कर दिया जाए, तो लोग जल्दी उठेंगे और दिन की प्राकृतिक रोशनी का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगे.
सर्दी का मौसम
सर्दियों में जब दिन छोटे हो जाते हैं, तो समय को फिर सामान्य कर दिया जाता है ताकि सूरज की रौशनी के साथ दिन की शुरुआत हो सके.
कैसे शुरू हुई परंपरा?
DST की सोच सबसे पहले Benjamin Franklin ने 18वीं सदी में दी थी. इसका असली उपयोग World War I और II के दौरान ऊर्जा बचाने के लिए किया गया.
किन देशों में DST लागू?
इसके बाद अमेरिका, कनाडा, यूरोप और कुछ एशियाई देशों ने इसे अपनाया. आज करीब 70 देशों में DST लागू है, हालांकि कई देशों ने इसे खत्म भी कर दिया है.
2 नवंबर को क्या होगा?
इस साल 2 नवंबर 2025 को अमेरिका और कनाडा में लोग घड़ियों को एक घंटा पीछे करेंगे. यानी रात एक घंटा लंबी हो जाएगी या यूं कहें कि सब सामान्य हो जाएगा.