मुस्लिम महिलाओं और बच्चियों का हिजाब अलग-अलग देशों में अलग-अलग वजहों से चर्चाओं और विवादों में रहता है. कई देशों में इसे लागू करने को लेकर विवाद होता है तो कहीं इसे हटाने को लेकर कानूनी जंग लड़ी जाती है. अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में दो महिलाओं का हिजाब जबरदस्ती हटवाने के एक मामले में अब प्रशासन को ही मुंह की खानी पड़ी है. इस मामले में कोर्ट ने आदेश दिया है कि न्यूयॉर्क सिटी का प्रशासन इन महिलाओं को 17.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 146 करोड़ रुपये का हर्जाना चुकाए.
यह मामला साल 2018 में जमीला क्लार्क और आरवा अजीज नाम की दो मुस्लिम महिलाओं ने दर्ज करवाया था. जबरन हिजाब हटवाए जाने के बाद इन महिलाओं का कहना था कि ऐसा किए जाने से उन्हें बेहद शर्मिंदगी और अपमान महसूस हुआ था. दरअसल, जमीन को 9 जनवरी 2017 को और आरवा अजीज को 30 अगस्त 2017 को गिरफ्तार किया गया था.
इसी के बारे में जमीला ने अपने बयान में कहा, "गिरफ्तार करने के बाद जबरन मेरा हिजाब हटवाकर फोटो खींची गई. मुझे लगा जैसे मेरे कपड़े उतार दिए गए हैं. आज मुझे बहुत खुशी है कि हमने हजारों न्यूयॉर्कवासियों के लिए यह लड़ाई जीती है." इस मामले में पुलिस ने पहले तो खुद का बचाव किया कि कानूनी तौर पर हर किसी का फोटो खींचना जरूरी है. हालांकि, साल 2020 में पुलिस ने अपने नियमों में बदलाव किया गया जिसमें कहा गया कि अब हिजाब हटाकर फोटो खिंचवाना जरूरी नहीं होगा.
अब न्यूयॉर्क के प्रशासन ने महिलाओं को हर्जाना देने की बात स्वीकार कर ली है. कोर्ट ने माना है कि पुलिस ने जबरन हिजाब उतरवाया जिससे इन महिलाओं का अपमान हुआ और उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हुईं. हर्जाने की यह राशि लगभग 4100 महिलाओं के बीच बांटी जाएगी. हर महिला को लगभग 7.5 हजार अमेरिकी डॉलर मिलेंगे.