India Bangladesh Relation: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने हाल ही में पाकिस्तान से रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है. भारत के साथ सीमा विवाद के बीच, बांग्लादेश ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को और अधिक गहरा करने की कोशिश की है. इस कदम से भारत के लिए चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि बांग्लादेश और पाकिस्तान के बढ़ते रिश्ते भारत की सुरक्षा रणनीतियों को प्रभावित कर सकते हैं.
21 जनवरी 2025 को बांग्लादेश में पाकिस्तान सेना का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहुंचा. इस चार सदस्यीय टीम में मेजर जनरल शाहिद अफसर, ब्रिगेडियर जनरल आलम अमीर अवान, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद आसिम और लेफ्टिनेंट कर्नल उस्मान लतीफ शामिल थे. इन अधिकारियों ने बांग्लादेश सेना के उच्च अधिकारियों से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की. इस प्रकार के दौरे पाकिस्तान और बांग्लादेश के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाते हैं.
मोहम्मद यूनुस, जो फिलहाल बांग्लादेश के अंतरिम प्रधान मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं, ने पाकिस्तान से अपनी दोस्ती को और मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं. यह सरकार एक अस्थायी व्यवस्था के तहत काम कर रही है, जिसे लोकतांत्रिक तरीके से नहीं स्थापित किया गया है. 2024 में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री शेख हसीना के अचानक भारत भाग जाने के बाद, यूनुस ने बांग्लादेश की सत्ता संभाली है. शेख हसीना के शासन के खिलाफ देश में बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन हुआ था, जिसके बाद हसीना को देश छोड़ना पड़ा था.
बांग्लादेश का पाकिस्तान से दोस्ती बढ़ाने का कदम भारत के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है. भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है, और पाकिस्तान के साथ बांग्लादेश की बढ़ती दोस्ती भारत की सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती है. पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के बीच सैन्य और राजनयिक संबंधों में मजबूती से भारत की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है.
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते रिश्ते भारत के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकते हैं. यह बदलाव बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी गहरा असर डाल सकता है. भारत को इस बदलते परिदृश्य को समझते हुए अपनी विदेश नीति और सुरक्षा रणनीतियों में आवश्यक संशोधन करने की आवश्यकता है.