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India Daily

बम धमाकों से दहला बलूचिस्तान का क्वेटा शहर, सेना की गाड़ी उड़ाई, मेजर की मौत

पाकिस्तान के क्वेटा शहर में रविवार को हुए जोरदार धमाके में ISPR (इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस) के मेजर मोहम्मद अनवर काकर की मौत हो गई. यह हमला वेस्टर्न बायपास स्थित जबल-ए-नूर इलाके में हुआ, जहां मेजर की कार को निशाना बनाया गया. धमाके के बाद इलाके में सुरक्षा अलर्ट घोषित कर दिया गया है और आतंकी साजिश की आशंका जताई जा रही है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
बम धमाकों से दहला बलूचिस्तान का क्वेटा शहर, सेना की गाड़ी उड़ाई, मेजर की मौत
Courtesy: WEB

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में एक बार फिर हिंसा ने दस्तक दी है. शहर के संवेदनशील वेस्टर्न बायपास क्षेत्र में हुए विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. यह धमाका एक सुरक्षा अधिकारी की कार को निशाना बनाकर किया गया, जिसमें मेजर मोहम्मद अनवर काकर की जान चली गई. इस घटना ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है और पूरे शहर को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

रविवार दोपहर वेस्टर्न बायपास स्थित जबल-ए-नूर के पास एक जोरदार धमाका हुआ. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस धमाके का सीधा निशाना मेजर मोहम्मद अनवर काकर की गाड़ी थी. मेजर काकर, हाजी मोहम्मद अकबर काकर के बेटे थे और अपनी कार में सफर कर रहे थे, जब उनकी गाड़ी के पास यह धमाका हुआ. विस्फोट इतना ताकतवर था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई. इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि हमलावर पूरी योजना के तहत आए थे और टारगेट तय था.

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई

धमाके की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्ते मौके पर पहुंच गए. पूरे इलाके को घेर लिया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई. पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह धमाका एक वाहन के पास हुआ और संभवत: टारगेटेड अटैक था. प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए आतंकी एंगल पर भी जांच की जा रही है.

क्वेटा में हाई अलर्ट, आतंकी साजिश की जांच

घटना के बाद पूरे क्वेटा शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. वेस्टर्न बायपास और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं. सुरक्षा एजेंसियां घटना में इस्तेमाल की गई तकनीक, विस्फोटक सामग्री और संभावित हमलावरों की पहचान में जुट गई हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है ताकि साजिश का जल्दी से जल्दी पर्दाफाश हो सके.