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India Daily

जंग के बीच गुपचुप तरीके से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की UAE यात्रा, क्या ईरान के खिलाफ हो रही कोई बड़ी डील?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच सहयोगी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने UAE की गुप्त यात्रा की. इस बात की जानकारी खुद इजरायली कार्यालय की ओर से दी गई है.

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Edited By: Shanu Sharma
जंग के बीच गुपचुप तरीके से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने की UAE यात्रा, क्या ईरान के खिलाफ हो रही कोई बड़ी डील?
Courtesy: X (@MarioNawfal)

ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त अरब अमीरात की गुप्त यात्रा की. इस बात की जानकारी आज यानी बुधवार को इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर दी गई.कार्यालय की ओर से कहा गया कि इस गुप्त यात्रा के दौरान नेतन्याहू ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिलें.

इजरायली पीएम कार्यालय की ओर से इस यात्रा को दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक प्रगति बताया गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नेतन्याहू और शेख मोहम्मद की मुलाकात 26 मार्च को हुई थी. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान के साथ चल रहे युद्ध के दौरान सैन्य कार्रवाइयों का समन्वय करना था.

UAE यात्रा के पीछे इजरायल का उद्देश्य

इजरायल की ओर से इस यात्रा के बारे में जानकारी तब जारी की गई जब इजरायल में रह रहे अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने बताया कि ईरान युद्ध के दौरान इजरायल ने संयुक्त अरब अमीरात से अपने आयरन डोम सिस्टम के लिए बैटरियां मंगवाई थीं.

बता दें कि अमेरिका-इजरायल ने मिलकर 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ जंग शुरू की थी. दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से किए गए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके बाद ईरान ने भी मिडिल ईस्ट के कई देशों पर हमला शुरू कर दिया, जिसमें सबसे ज्यादा संयुक्त अरब अमीरात प्रभावित हुआ. हालांकि दो महीनों से ज्यादा समय तक युद्ध चलने के बाद युद्धविराम लागू किया गया, ईरान ने इसके बाद भी UAE पर कहर बरपाना जारी रखा.

इजरायल, अमेरिका और UAE एक साथ

इजरायल एक ओर UAE के साथ संबंध बेहतर कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी यानी चीन के घर में है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस वक्त चीन के दौरे पर हैं. ईरान के साथ युद्ध के बीच उनकी यह यात्रा पूरे विश्व में चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि अमेरिका का कहना है कि 9 साल बाद हो रहे अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा का ईरान युद्ध से कोई संबंध नहीं है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है. जैसा कि सब जानते हैं ईरान को सबसे ज्यादा इस समय चीन से मदद मिल रही है. अगर यह मदद मिलनी बंद हो जाती है तो फिर शायद जंग का नतीजा कुछ और हो.