स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए तैयार ईरान, राष्ट्रपति ट्रंप को माननी होंगी ये 3 शर्त

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा जंग जल्द ही थम सकता है, लेकिन इसके लिए डोनाल्ड ट्रंप को तेहरान की तीन शर्ते माननी होंगी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के इन शर्तों से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे जंग को आज दो महीने पूरे हो गए. अभी भी तनाव जारी है, हालांकि ईरान अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे को सुलझाने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को तीन शर्ते माननी पड़ेंगी.

व्हाइट हाउस के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन इस डील को लेकर संतुष्ट नजर नहीं आ रहे है क्योंकि इस डील में ईरान के परमाणु कार्यक्रमों को लेकर कोई खास जिक्र नहीं किया गया है. इसकी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान के शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं है.

क्या है ईरान के तीन शर्त?

ईरान ने ओमान और पाकिस्तान के माध्यम से इस सप्ताहांत में अमेरिका को एक डील का प्रस्ताव भेजा. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन वार्ताकारों से मुलाकात के दौरान यह योजना पेश की. जिसमें ईरान की ओर से मुख्य रूप से ईरान का पहला शर्त था कि अमेरिका, ईरान और उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटा ले.

वहीं दूसरा शर्त था कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध को तुरंत समाप्त कर दे. वहीं तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह था कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को कूटनीतिक प्रक्रिया के अगले चरण तक स्थगित कर दिया जाए.  ईरान का कहना है कि इन शर्तों को मान लिया जाए तो वह स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को तुरंत खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति बहाल हो सकेगी.

क्या है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राय?

विदेशी मिडिया के मुताबिक ईरान द्वारा पेश किए गए शर्तों पर ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम चर्चा कर रही है, हालांकि खबर यह भी है कि राष्ट्रपति इसे पर्याप्त नहीं मान रहे. इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि प्रस्ताव परमाणु मुद्दे को टाल रहा है, जबकि ट्रंप बार-बार दोहरा चुके हैं कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा. युद्ध शुरू करने का एक प्रमुख उद्देश्य भी तेहरान की परमाणु क्षमता को रोकना था.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मिडिया को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि हम उन्हें ऐसा करने की छूट नहीं दे सकते. रूबियो ने ईरान की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी की और कहा कि कट्टरपंथी तत्व अभी भी मजबूत हैं. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान को यह समझने में बहुत मुश्किल हो रही है कि उनका असली नेता कौन है! उन्हें बस पता ही नहीं है! ट्रंप ने ईरान के अंदर कट्टरपंथियों और नरमपंथियों के बीच चल रही लड़ाई का जिक्र किया और इसे पागलपन बताया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के कारण पूरे विश्व में ऊर्जा सप्लाई बाधित है.