नई दिल्ली: इजरायली रक्षा बलों ने गुरुवार को एक वीडियो जारी कर दावा किया कि उनकी वायुसेना के अत्याधुनिक F-35I 'अदीर' लड़ाकू विमान ने तेहरान के आसमान में ईरान के YAK-130 विमान को मार गिराया.
सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई बुधवार को की गई और इसके बाद भी ईरान के सैन्य ढांचे पर हमले जारी हैं. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमलों के बीच यह घटना सामने आई है, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है.
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— Alok Mohan Kalra (@ALOKOMJI) March 4, 2026
एक इजरायली एफ-35 अदीर लड़ाकू विमान ने एक IRANIAN YAK-130 ईरानी लड़ाकू विमान को मार गिराया
इजरायली वायु सेना ने बताया कि एफ-35 अदीर लड़ाकू विमान द्वारा मानवयुक्त लड़ाकू विमान को मार गिराने की यह इतिहास की पहली घटना है।#IranIsraelWar #IranWar #Iran pic.twitter.com/1HPMmtgVA6
इजरायली रक्षा बलों के अनुसार, यह घटना बुधवार को हुई जब उनकी वायुसेना का F-35I 'अदीर' विमान तेहरान में ऑपरेशन कर रहा था. इसी दौरान ईरान का YAK-130 विमान हवा में दिखाई दिया. इजरायली पायलट ने उसे निशाना बनाते हुए मार गिराया. आईडीएफ ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान पायलट ने संदेश दिया, 'टारगेट खत्म, हमले जारी.'
इजरायल का कहना है कि यह इतिहास में पहली बार है जब किसी F-35 लड़ाकू विमान ने हवाई मुकाबले में किसी मानवयुक्त फाइटर जेट को गिराया है. F-35 को दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है. इसकी स्टील्थ डिजाइन, उन्नत सेंसर और अंदरूनी हथियार प्रणाली इसे दुश्मन की नजरों से बचाते हुए हमला करने में सक्षम बनाती है.
YAK-130 मूल रूप से एक उन्नत प्रशिक्षण विमान है जिसे रूस और इटली की कंपनी ने मिलकर विकसित किया था. यह दो सीटों वाला सबसोनिक जेट है, जिसका उपयोग पायलट प्रशिक्षण के साथ हल्के युद्धक अभियानों में भी किया जा सकता है. ईरान अपनी वायुसेना में इस विमान का इस्तेमाल करता है.
इजरायली सेना का कहना है कि उसकी वायुसेना अभी भी ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रही है. आईडीएफ ने दावा किया कि इन हमलों का मकसद तेहरान के आसमान में हवाई बढ़त हासिल करना है. इसके लिए दर्जनों सैन्य ढांचे और हथियार भंडारों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं.
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों को छह दिन हो चुके हैं. इस दौरान सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आई हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह संघर्ष एक महीने या उससे ज्यादा समय तक चल सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ने का खतरा है.