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India Pakistan UN Clash: UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, बताया IMF से लागातार कर्ज लेने वाला देश

India Pakistan UN Clash: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद के समर्थन और IMF से लगातार कर्ज लेने को लेकर कड़ा हमला किया. भारत ने पहलगाम हमले के बाद की गई 'ऑपरेशन सिंदूर' की कार्रवाई का भी बचाव किया. भारत ने UN सुधारों की मांग की और अंतरराष्ट्रीय शांति में अपने योगदान को रेखांकित किया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
India Pakistan UN Clash: UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा, बताया IMF से लागातार कर्ज लेने वाला देश
Courtesy: Social Media

India Pakistan UN Clash: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है. भारत के स्थायी प्रतिनिधि परवथनेनी हरीश ने पाकिस्तान को आतंकवाद समर्थक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF से बार-बार कर्ज लेने वाला देश करार दिया. यह बयान "शांति और बहुपक्षवाद" पर उच्च-स्तरीय बहस के दौरान आया.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हरीश ने कहा, "भारतीय उपमहाद्वीप में विकास के दो विपरीत मॉडल हैं, एक ओर भारत है जो एक परिपक्व लोकतंत्र, उभरती हुई अर्थव्यवस्था और समावेशी समाज है, जबकि दूसरी ओर पाकिस्तान है, जो कट्टरपंथ और आतंकवाद में डूबा हुआ है और IMF से बार-बार कर्ज लेने वाला देश है."

पाकिस्तान पर लगे आरोप

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को उपदेश देने का कोई अधिकार नहीं है, जब वह खुद आतंकवाद और पड़ोसी देशों में अस्थिरता फैलाने में लिप्त है. उन्होंने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी उल्लेख किया जिसमें 26 निर्दोष नागरिक मारे गए थे.

सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा 

हरीश ने कहा, "ऐसे राज्यों को इसकी कीमत चुकानी चाहिए जो अच्छे पड़ोसी संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करते हुए सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं." उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के अंतर्गत पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की, जो मापी गई और सीमित थी. यह सैन्य कार्रवाई 7 मई को शुरू हुई और 10 मई को पाकिस्तान के अनुरोध पर रोक दी गई.

मध्यस्थता का दावा

हरीश ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मध्यस्थता का दावा किया था. संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता पर बल देते हुए हरीश ने कहा, "आज बहुपक्षीय प्रणाली, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सुरक्षा परिषद की प्रतिनिधित्व क्षमता पर भी गंभीर चिंतन जरूरी है."

संयुक्त राष्ट्र में योगदान 

उन्होंने भारत के संयुक्त राष्ट्र में योगदान का उल्लेख करते हुए कहा, "भारत UN शांति मिशनों में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है और महिला शांति सैनिकों को बढ़ावा देने में भी अग्रणी रहा है."अंत में हरीश ने कहा कि भारत एक जिम्मेदार वैश्विक भागीदार है और अंतरराष्ट्रीय शांति व स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है.